मनीमाजरा। किन्नौर में बाइक हादसे का शिकार हुए चंडीगढ़ होमगार्ड के जवान सुनील कुमार और उसके साले ईशान का सोमवार सुबह मनीमाजरा के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुनील कुमार के शव को अग्नि उसकी 12 साल की बेटी अन्नया शर्मा ने सुनील के भाई के साथ मिलकर दी। इससे पहले सुनील के शव को कंधा देकर मनीमाजरा थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने श्मशान घाट में पहुंचाया था। सुनील कुमार काफी समय से मनीमाजरा पुलिस स्टेशन में नाइट पेट्रोलिंग ड्यूटी कर रहे थे। मनीमाजरा थाना पुलिस का सारा स्टाफ और होमगार्ड कमांडर और अन्य सभी अधिकारी सुनील कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
चंडीगढ़ से बाइक पर काजा घूमने जा रहे होमगार्ड सुनील कुमार व उसके साले ईशान पर पहाड़ी से चट्टान गिर गई थी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा रविवार सुबह करीब छह बजे एनएच-5 पर पांगीनाला-काशंग के बीच हुआ था। दोनों के शव को रविवार देर शाम परिवार वाले चंडीगढ़ लेकर आए थे। सुनील के साले का भी उसके साथ ही मनीमाजरा में अंतिम संस्कार किया गया।
सुनील कुुमार (42) मनीमाजरा के पिपली वाला टाउन स्थित मकान नंबर 269 में पत्नी व तीन बेटियों के साथ किराए पर रहता था। उसकी बड़ी बेटी 12 साल की है, जबकि दो और छोटी जुड़वां बेटियां भी हैं। वे पिछले काफी समय से मनीमाजरा थाने में बतौर होमगार्ड तैनात थे। हाल ही में सुनील बुलेट बाइक पर जीरकपुर के सैनी विहार स्थित हाउस नंबर 829, निवासी अपने साले ईशान (26) के साथ काजा घूमने निकले थे। रविवार सुबह करीब 6 बजे दोनों कल्पा से काजा की तरफ जा रहे, तभी पहाड़ की चट्टान का एक हिस्सा टूटकर चलती बाइक पर गिर गया था, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई थी।
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मनीमाजरा थाना पुलिस के कर्मचारी सुनील के परिवार की करेंगे मदद
सुनील कुमार की मौत के बाद मनीमाजरा के सभी पुलिस स्टाफ में शोक की लहर है। उसके साथ ड्यूटी करने वाले सभी पुलिस कर्मचारियों का कहना है कि सुनील का स्वभाव काफी मिलनसार था। सुनील के परिवार की मदद करने के लिए मनीमाजरा के थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने सभी पुलिस कर्मचारियों के साथ मिलकर पैसे इकट्ठे करके परिवार को देने की योजना बनाई है। थाना प्रभारी का कहना कि और थानों में सुनील की मदद करने की गुहार लगाई जाएगी। सुनील अपने पीछे तीन बेटियां छोड़ कर गए हैं। सुनील का व्यवहार इतना अच्छा था कि हर कोई उसके परिवार की मदद करना चाहता है।