पंचकूला। दो साल से नियुक्ति नहीं होने की प्रताड़ना झेलते हुए 112 चयनित सहायक प्रोफेसर हिंदी का क्रमिक भूख हड़ताल का दौर रविवार को भी जारी रहा। सातवें दिन डॉ. नरेश कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, सोहन लाल सहित संदीप कुमार क्रमिक भूख हड़ताल पर है। भयंकर गर्मी व लू अपने तीखे तेवर दिखा रही है, जिससे हड़तालियों के स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आ रही है। चयनित सहायक प्रोफेसर सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें जल्द नियुक्ति दी जाए। राज्य सरकार हमारी मजबूत पैरवी द्वारा स्टे हटवाकर शीघ्र ही हमें नियुक्ति दिलवाने का प्रयास करे। डॉ. सुनीता बामल के कहा कि एक अभ्यर्थी नकल करते अगर पकड़ा गया था तो एचपीएससी ने उस पर कार्रवाई करते हुए परीक्षा से वंचित कर दिया। उस मामले को नकल व पेपर लीक जैसे आरोप लगाकर असफल अभ्यर्थियों ने केस कर दिया लेकिन इसमें हम 112 चयनित जिनका पारदर्शी प्रक्रिया से चयन हुआ है उनका क्या कसूर है। हमें किस बात की सजा दी जा रही है। एक साल पहले पंचकूला पुलिस जांच रिपोर्ट व साइबर रिपोर्ट 20 अगस्त 2018 को हाईकोर्ट में जमा करवा चुकी है, जिसमें नकल व पेपर लीक मामला निराधार साबित हुआ है। फिर भी अब तक हम कोरे आश्वासन से अधर में झूल रहे हैं। चारों तरफ से समस्याओं ने आ घेरा है लेकिन सरकार से मदद की पूरी उम्मीद है।
सहायक प्रोफेसर हिंदी नियुक्ति संघर्ष समिति के संयोजक सुनील थुआ ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत रविवार को सेक्टर-5 धरना स्थल, हुड्डा पार्क एवं सार्वजनिक सड़कों के आस-पास सफाई कर हम सभी ने गांधी जी के आदर्शों पर चलकर कचरा साफ करते हुए आम जनता को स्वच्छता के प्रति सचेत किया। धरना स्थल पर बिजली, पानी व शौचालय जैसी असुविधाओं सहित जंगली चूहों व मच्छरों का आतंक अनवरत बना हुआ है। इस दौरान नरेश सिसवाल, धर्मवीर लांग्यान, सविता अधाना, डॉ. दीपक सैनी, डॉ. अनिल विश्नोई, डॉ. राजेश, प्रवीण यादव सहित सभी सदस्य मौजूद रहे।