चंडीगढ़। ऐसा है कैसा ये प्यार तेरा..
निकले करंट तेरे यार चों..
छोड़ दे छोड़ ना पीछा मेरा..
निकले करंट तेरे यार चों..
ओ जुत्ती थल्ले रखदी आ मित्रां दे दिल नूं..
लगदा ऐ जांदी नई हल्ले जस्सी गिल नूं..
जांदी आ जांदी आ..मैं वड्डे जस्सी गिल नूं
पंजाबी सिंगर जस्सी गिल की खूबी है कि वह ऑडियंस को अपना साथी बना लेते हैं। जस्सी ने ऐसा ही किया। चंडीगढ़ सेक्टर-47 के रामलीला मैदान में जैसे ही उनकी परफारमेंस शुरू हुई तो ऑडियंस मस्त हो गई। जस्सी गिल ने अपने लेटेस्ट गीतों से शुरुआत की। उन्होंने उसके बाद कई हिट ट्रैक सुनाए और पब्लिक को मस्त कर दिया। जस्सी गिल ने यहां करीब दो घंटे तक अपनी परफारमेंस दी। वर्ल्ड म्यूजिक डे के मौके पर चंडीगढ़ टूरिज्म की ओर से शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जस्सी गिल ने ऐसा रंग जमाया कि सभी देखते रह गए।
जस्सी गिल ने अपने प्रसिद्ध गीत करंट से शुरुआत की। एक ओर उनका यह गीत गूंजा तो वहीं सेक्टर-47 के रामलीला मैदान में जमा भीड़ में उत्साह की बयार बहने लगी। जब तक जस्सी गिल का यह गीत चलता रहा तब तक डांस और मस्ती होती रही। उसके बाद उन्होेंने सूरमा और फिर चूड़ियां गीत गाया। जस्सी गिल ने यहां लांसर गीत सुनाया और उसके बाद जेेड़ा बम्ब सुट मार दूंगा बलिए तेरा बापू ए लादेन ता नईं.. गीत गाया। चंडीगढ़ टूरिज्म विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान सेक्टर-47 के साथ ही आसपास के कई सेक्टरों की भीड़ यहां मौजूद रही।
सिटी ब्यूटीफुल में कला के कद्रदान की कमी नहीं : जस्सी गिल
सिटी ब्यूटीफुल में कला के कद्रदानों की कमी नहीं। यह सिटी वास्तव में एक शानदार सिटी ही नहीं है बल्कि यहां के लोग भी बेहतरीन हैं। इसी वजह से मेरा मन यहां पर जमकर परफार्म करने का करता है। यह कहना है प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर जस्सी गिल का। जस्सी गिल ने कहा कि चंडीगढ़ का वातावरण ही ऐसा है जो सभी को संस्कृति और कला की ओर खींच लेता है। गौरतलब है कि जस्सी गिल ने अपने बैचमेट एलबम के साथ संगीत की शुरुआत की। इस एलबम में उनका गीत चूड़ियां करियर के लिए बेहतरीन रहा, जिसको लोगों ने काफी पसंद किया। वर्ष 2012 में उन्होंने विग्रे शराबी और उसके बाद बैचमेट 2 में उनको काफी अच्छी पहचान मिली। जस्सी गिल को डैडी कूल मुंडे फूल एलबम में गाने का मौका मिला। उसके बाद उन्होंने क्लासमेट नामक एलबम में मौका मिला। इसका संगीत निर्देशन देसी क्रू का था।