पंचकूला। 112 हिंदी के सहायक प्रोफेसर की ज्वाइनिंग को लेकर शनिवार को भूख हड़ताल जारी रही। छठे दिन भी भूख हड़ताल से पहले हिंदी सहायक प्रोफेसर ने पौधरोपण किया। इसके बाद भूख हड़ताल पर बैठे। हिंदी सहायक प्रोफेसर ने बताया कि ज्वाइनिंग नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है। वह आगामी 24 जून को सीएम आवास की ओर से सपरिवार शांति मार्च निकालकर अपनी नियुक्ति की मांग करेंगे।
सहायक प्रोफेसर हिंदी नियुक्ति संघर्ष समिति के बैनर तले शनिवार को डॉ. रमेश कुमार, डॉ .रितू व समिति प्रधान धर्मवीर लांग्यान ने कहा कि धरना स्थल पर बिजली, पानी, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में वे बहुत परेशान हुए। गुरुवार शाम को आए तूफान में हड़ताली अभ्यर्थियों के टेंट उखड़ गए। रात बिताने के लिए भी आवश्यक वस्तुएं भी तितर-बितर हो गई। डॉ. सुनीता बामल ने कहा कि हम पहले ही पिछले दो साल से 112 चयनित सपरिवार आर्थिक व मानसिक संकटों से जूझ रहे हैं। हमारी हिम्मत अब जवाब दे रही है। हम किसी को भी आहत नहीं करना चाहते और ना ही सरकार के खिलाफ है। हिंदी सहायक प्रोफेसर ने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में कोर्ट खुलते ही अर्ली हियरिंग की याचिका दायर करवा दे। इसमें लगी रोक खारिज करवाकर तुरंत नियुक्ति बहाल करें। कहा कि हमारे साथ भर्ती हुए सभी 27 विषयों में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालयों में नियुक्ति पाकर दो साल पूर्ण भी कर चुके हैं और हम दर-दर ठोकरें खा रहे है।
शासन प्रशासन से कोई नहीं पहुंचा सुध लेने
धरने पर बैठे हुए आज छठे दिन भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई नहीं पहुंचा तो सामूहिक मीटिंग में ये तय हुआ की सोमवार 24 जून को हम सपरिवार शांति-मार्च करते हुए मुख्यमंत्री के निवास पर परिवार सहित पहुंचकर अपनी व्यथा प्रकट करेंगे। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी मानसिक पीड़ा सरकार भली-भांति समझकर हमें न्याय दिलाने में अवश्य पूरा सहयोग करेगी। भूख हड़ताल पर बैठे नरेश सिसवाल, डॉ. निर्मल सिंह, डॉ. राजेश दीक्षित, डॉ. अनिल, मनोज कुमार, कुलदीप, अरुण कुमार, अनिल बामणिया, अनिल धारणिया, संजय, जगबीर दुहन, राजेश सिंह मार, विद्या सहित सभी साथी मौजूद रहे।