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डीजीपी मनोज यादव को सीसीटीवी कंट्रोल रूम का रिकॉर्ड नहीं मिला मेंटेन

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पंचकूला। पुलिस विभाग के वाहन बेड़े में शामिल होंडा मोटर्स की तरफ से डोनेट 25 नई मोटरसाइकिलों को हरी झंडी देने पहुंचे डीजीपी मनोज यादव को सोमवार को सीसीटीवी कंट्रोल रूम का रिकॉर्ड मेंटेन नहीं मिला। उन्होंने सेक्टर-14 के पुलिस थाने की पहली मंजिल पर स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम के इंचार्ज एएसआई अशोक कुमार से पूछा कि वह कोई संदिग्ध वाहन दिखने पर किसे सूचना देते हैं। एएसआई अशोक ने संबंधित पुलिस को सूचना देने की बात कही। लेकिन जब डीजीपी ने इन सूचनाओं से संबंधित कोई रिकॉर्ड बुक मेंटेन करने के बारे में सवाल किया तो एएसआई के पास न के अलावा कोई जवाब नहीं था। डीजीपी ने कहा कि कंट्रोल रूम द्वारा दी सूचना पर कार्रवाई हुई या नहीं, रिकॉर्ड बुक नहीं होने पर इसका पता कैसे लगाएंगे। डीजीपी ने सीसीटीवी इंचार्ज को रिकॉर्ड मेंटेन कर जिम्मेदारी तय करने को कहा। डीजीपी ने हर सूचना का रिकॉर्ड मेंटेन करना आवश्यक बताया। उन्होंने सूचनाकर्ता से मिली सूचना, आगे किसकी जिम्मेदारी तय हुई और एक्शन क्या लिया गया, इस बारे में रिकॉर्ड मेंटेन करें। इससे पहले डीजीपी को सेक्टर-14 के पुलिस थाने में ग्राउंड फ्लोर पर बिजली की तारें खुली मिली तो उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से उन्हें ठीक कराने को कहा। फिर डीजीपी मनोज यादव अपने काफिले के साथ वहां से निकल गए।
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क्राइम कंट्रोल व ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने को बताया प्राथमिकता
डीजीपी की ओर से 25 नई बाइकों को हरी झंडी देने के अवसर पर कमिश्नर सौरभ सिंह, डीसीपी कमलदीप गोयल, थाना प्रभारी और अन्य पुलिस बल समेेत होंडा के डायरेक्टर हरभजन सिंह भी मौजूद रहे। डीजीपी ने इस मौके पर कहा कि शामिल सभी 25 मोटरसाइकिलें क्विक रिस्पांस टीम को दी जाएंगी। क्राइम कंट्रोल व ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में इनकी मदद जरूरी बताई। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन थाना क्षेत्रों में जानलेवा सड़क हादसे अधिक हुए हैं, उन्हीं प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मियों को इन मोटरसाइकिलों समेत मुस्तैद किया जाए। उन्होंने झपटमारों की धरपकड़ में भी इन मोटरसाइकिलों के मददगार साबित हो सकने की बात कही।

हरियाणा में सड़क हादसों में 4 हजार लोग गंवाते हैं जान
कमिश्नर सौरभ सिंह ने बताया कि केवल हरियाणा में होने वाले जानलेवा सड़क हादसों में हर साल करीब 4 हजार लोग जान गंवाते हैं। उन्होंने बताया कि बीते साल जिले में 116 लोगों की मौत हुई। साथ ही 173 जानलेवा सड़क हादसे नेशनल हाईवे पर हुए। डीजीपी ने बताया कि साल 2016 में हुए सड़क हादसों में 100 लोगों की मौत हुई थी। फिर 2018 में यह आंकड़ा 120 पर पहुंचा, जो कि चिंता का विषय है। बताया कि हरियाणा वीजन जीरो के तहत सभी जानलेवा ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है। यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कमिश्नर सौरभ सिंह ने पंचकूला स्थित ट्रैफिक पार्क को रेनोवेट कराने के बारे में भी कहा।
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