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मोबाइल की लत ठीक नहीं.. बढ़ रहीं बीमारियां

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चंडीगढ़। मोबाइल से सेहत पर पड़ रहे गलत प्रभाव को लेकर रविवार को एक सेमीनार का आयोजन किया। इसमें बताया गया कि मोबाइल का अधिक उपयोग करने से किस तरह से लोगों की सेहत पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही मोबाइल की लत से दूर रहने के उपाय भी बताए गए। सेमीनार का आयोजन सेकेंड इनिंग एसोसिएशन की ओर से ली-काबूजिए सेंटर सेक्टर-19 में किया गया। सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब यूनिवर्सिटी के पर्यावरण सोशियोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर विनोद चौधरी, न्यूरो आर्टिस्ट विनोद मेहता, पर्यावरण प्रेमी एलआर बुदेनिया और ब्लॉगर प्रोफेसर भूपिंदर भी मौजूद रहे। सेमीनार की शुरुआत सेकेंड इनिंग एसोसिएशन के प्रधान आरके गर्ग ने करते हुए कहा कि मोबाइल लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन लोगाें ने अब इसे अपनी आदत मे शुमार कर लिया है जो सेहत के लिए काफी हानिकारक बनता जा रहा है। गर्ग ने अनुसार लोगों को सीमित रूप से मोबाइल का इस्तेमाल करना चाहिए।
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लोग बन रहे मोबाइल के गुलाम : प्रो. चौधरी
पीयू के पर्यावरण सोशियोलोजी विभाग के सहायक प्रोफेसर विनोद चौधरी ने बताया कि मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से हम इसके गुलाम बनते जा रहे हैं। इसके कई तरह की बीमारियां पनप रही है। लोग डिपरेशन और ब्लड प्रेशर के शिकार होते जा रहे हैं। मोबाइल हमारे बौद्धिक और शारीरिक विकास में बाधा बनती जा रही है। विनोद चौधरी ने बताया मोबाइल की जगह पेन और कॉपी पर कार्य करना चाहिए, जससे हमारा दिमाग तेज होगा।

युवा वर्ग पर पड़ रहा गलत प्रभाव : विनोद मेहता
न्यूरो आर्टिस्ट विनोद मेहता ने बताया मोबाइल का सबसे अधिक गलत प्रभाव हमारे युवा वग पर पड़ रहा है। बच्चों को मोबइल की लत से दूर करने केलिए आउटडोर गेम्स मे डालना चाहिए। वहीं रात के समय बच्चाें को मोबाइल बिल्कुल नहीं देना चाहिए। आज के इस दौर में युवाओं को घंटों मोबाइल पर देखा जा रहा है, यह गलत है। इस पर युवा वर्ग को खुद ही लगान लगानी होगी।
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