चंडीगढ़। टैगोर थिएटर में वीरवार से 8वां चंडीगढ़ थिएटर फेस्टिवल का आगाज ‘वेलकम जिंदगी ’ हिंदी नाटक के साथ हुआ। डिपार्टमेंट ऑफ क्लचलर अफेयर्स, यूटी प्रशासन और टैगोर थिएटर सोसाइटी के सहयोग से चंडीगढ़ थिएटर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। फेस्टिवल केपहले दिन वेलकम जिंदगी नाटक का मंचन हुआ। इसमें बॉलीवुड और टीवी जगत के जाने माने कलाकार सुधीर पाण्डेय ने स्टेज पर अपने दमदार अभिनय से हॉल में उपस्थित हर किसी को अपना कायल बना दिया।
नाटक शुरू होता है एक रेलवे कर्मी की रिटायरमेंट के दिन से। सुधीर पाण्डेय रेलवे के कर्मी आशुतोष का रोल निभाया जो एक कंजूस व्यक्ति है। उसने पूरी जिंदगी नौकरी की, लेकिन खर्च करने में वह विश्वास नहीं रखता। हमेशा चिड़चिड़ा रहता था। अपनी बच्चाें और पत्नी के कुछ भी खरीदने पर उन्हें गुस्सा करता रहता था। हर छोटी से छोटी बात पर वह कहता ‘ हे भगवान मुझे उठा ले’। एक दिन यमराज उसके सामने आ जाता है और कहता है तेरा समय खत्म हो चुका है, अब चल मेरे साथ। एक दम से यमराज को देखकर आशुतोष को ख्याल आ जाता कि पूरी जिंदगी कंजूसी में निकाल दी, न बेटी की शादी की और न बेटे को नौकरी लगवा पाया। पत्नी की इच्छाएं भी पूरी नही कर पाया। इस बात से आहत आशुतोष यमराज से 30 दिन का समय मांगते हुए कहा कि वह अपने परिवार केलिए कुछ करना चाहता है। उसे समय दे दिया जाता है। एक महीने पूरे होते तक वह कुछ काम पूरे भी कर लेता है। जिस दिन बेटी की शादी हो रही होती है, यमराज पूरे 30 दिन बाद वहां पहुंच जाता है। घरवालाें को वह नहीं दिखाई देता, लेकिन आशुतोष को वह दिखाई देता है। घरवाले कहते हैं आप नीचे आज जाओ बेटी को विदाई करनी है। आशुतोष कहता है कि आप चलो में आता हूं। वह यमराज को कहता है मुझे कुछ दिनाें का समय और दे दो, लेकिन यमराज नहीं मानता और कहता कि जब तुम तमाम उम्र अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाए तो कुछ और समय लेकर क्या करोंगे। इस पर आशुतोष अपने परिवार को बोलता है तुम मंडप में चलो में बस आया। परिवार के जाने के बाद वह यमराज से बोलता है कि चलिए अब तो सबकुछ खत्म हो गया। इस पर यमराज आशुतोष को कहता है नहीं अब मुझे तुम्हें कहीं लेकर जरूरत नही। तुम्हें अपनी गलतियाें का अहसास हो चुका है। मुझे तो तुम्हें सिर्फ सबक सिखाने केलिए ऐसा करना पड़ा। नाटक का अंत इन पंक्तियाें से होता है ‘मुश्किलों की जमीन पर हल चलाते है, चलो फिर से सपनों का महल बनाते हैं’। इस नाटक के दौरान दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई।
‘वेलकम जिंदगी ’ नाटक में रेलवे कर्मी के रोल में सुधीर पाण्डेय, यमराज के रोल में राजप्रेमी, दोस्त की भूमिका में तुषार, पत्नी के रोल में शीला, बेटे का रोल अब्राहिम और बेटी का रोल अदिती ने निभाया। यह नाटक कुल 2 घंटे का रहा।
थिएटर मेरे लिए रियाज
सुधीर पाण्डेय ने बताया कि थिएटर मेरे लिए शुरू से ही प्राथमिकता में रहा है। मैं इसे पैशन की तरह लेता हूं। हर बार नया प्रयोग करना मेरी आदत मे शुमार रहता है। मेरा कहना है जो भी कलाकार थिएटर जगत से स्टार बना हो उसे अपनी जड़ों को नहीं ूलना चाहिए। सुधीर बताते है कि उन्हें जब भी समय मिलता है वह नाटक जरूर करते हैं। उन्होंने कहा, थिएटर करना मेरे लिए रियाज करने जैसा है। उनका आगामी टीवी शो 15 जुलाई से सोनी टीवी में शुरू होने जा रहा है।
यह है करियर
सुधीर ने अपने एक्टिंग करियर में कई हिंदी टीवी शो और फिल्मों में काम किया हैं। हाल ही में वह फिल्म टायलेट एक प्रेमकथा में अक्षय कुमार केपिता की भूमिका निभा चुके हैं।
- फैमिली ऑफ ठाकुरगंज - 2019
- टॉयलेट एक प्रेमकथा- 2017
-इक्क्स तोपाें की सलामी- 2014
-बॉम्बे टॉकीज- 2013
-तीस मार खान- 2010
- अनवर- 2007