पीयू के वीसी प्रो. राजकुमार ने साक्षात्कार बोर्ड की सिफारिशों को दरकिनार कर अपने विवेक से निर्णय लेते हुए पुराने वार्डन को ही फिलहाल पद पर बने रहने के आदेश दिए हैं। नए वार्डन पर अभी निर्णय नहीं होगा। वीसी के इस निर्णय से साक्षात्कार बोर्ड के अलावा सिंडिकेट के उस पक्ष को भी झटका लगा है जिनका नाम वह वार्डन के लिए आगे बढ़ा रहे थे।
ब्वॉयज हॉस्टल नंबर सात के वार्डन डॉ. दिनेश कुमार, हॉस्टल नंबर आठ के डॉ. नरेश कुमार, गर्ल्स हॉस्टल नंबर एक की वार्डन डॉ. सुमन मोर व गर्ल्स हॉस्टल नंबर नौ की वार्डन डॉ. कमलप्रीत कौर का कार्यकाल पूरा हो गया था। इनकी जगह नए वार्डन तैनात किए जाने थे। इसके लिए आवेदन मांगे गए। लगभग 19 लोगों ने आवेदन किए।
भाजपा व कांग्रेस की विचारधारा रखने वाले शिक्षकों ने बड़ी संख्या में आवेदन किए। इसके बाद डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर की अध्यक्षता में बने साक्षात्कार बोर्ड ने आवेदकों के इंटरव्यू लिए। सूत्रों का कहना है कि साक्षात्कार बोर्ड ने जिन शिक्षकों के नाम वार्डन के लिए सुझाए वह रास नहीं आए। एक ही पक्ष के लोगों को वार्डन बनाने की बात सामने आई।
इसी को ध्यान में रखते हुए वीसी ने सिफारिशों को नहीं माना। फिलहाल उन्हीं वार्डन को चार्ज दिया है जो जिनका कार्यकाल पूरा हो गया है। बताते हैं कि नए वार्डन पर निर्णय अब 20 जून के बाद होगा। सूत्र कहते हैं कि क्या तो वीसी इन्हीं नामों को रेगुलर करेंगे या फिर अपने विवेक से ही नए वार्डन के नाम फाइनल करेंगे।
हालांकि वीसी के इस निर्णय की प्रशंसा शिक्षकों के बड़े पक्ष ने की। सूत्रों का कहना है कि वीसी नए वार्डन एंथ्रोपोलॉजी, यूआईईटी व लॉ विभाग के शिक्षकों को बना सकते हैं। इन विभागों से शिक्षकों ने वार्डन के लिए आवेदन भी किए थे।