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एचएमटी के पूर्व डीजीएम समेत दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज

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पिंजौर। एचएमटी इंप्लाइज कोऑपरेटिव कंज्यूमर सोसायटी में सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार के साथ-साथ पांच से साढ़े पांच करोड़ की धोखाधड़ी करने के मामले में पिंजौर थाना पुलिस ने एचएमटी के पूर्व डीजीएम (एचआरएम) पीके सिन्हा एवं कोऑपरेटिव कंज्यूमर सोसायटी के प्रेसिडेंट व प्रबंधक प्रेमचंद के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले का खुलासा पूर्व एचएमटी के कार्मिक संघ के संज्ञान में आने के बाद हुआ। संघ के पदाधिकारियों ने घोटाले की सूचना एचएमटी के आलाधिकारियों को दी। इसके बाद कंपनी की अपनी विजिलेंस ने जांच शुरू की। शुरूआती जांच में विजिलेंस के सामने सोसायटी में आर्थिक अनियमितताएं सामने आईं और मामला पुलिस की आर्थिक शाखा पंचकूला पहुंच गया। इसके बाद आर्थिक अपराध शाखा ने सहकारी हरियाणा पंचकूला ऑडिट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कर्मचारी दलजीत सिंह, दीपक भारद्वाज, अनिल शर्मा, सुनील सेठी, मोती राम, पीके सिन्हा, प्रेमचंद, मांगे राम पर भष्ट्राचार और धोखाधड़ी में शामिल होने के साक्ष्य सामने आए। एचएमटी कार्मिक संघ के पदाधिकारी ने बताया कि एचएमटी इंप्लाइज कोऑपरेटिव कंज्यूमर सोसायटी के अंतर्गत एचएमटी पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और कुछ दुकानें आती हैं। जिसमें सहकारी विभाग हरियाणा की ऑडिट रिपोर्ट में सीधे तौर पर पांच से साढ़े पांच करोड़ रुपये का घपला सामने आ रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406,120-बी के तहत केस दर्ज किया है।
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कंपनी की ओर से सोसायटी के लिए नोमिनेटिड थे आरोपी
डीजीएम एचआरएम पीके सिन्हा प्रेसिडेंट पद के लिए, मैनेजर के लिए प्रेमचंद और कैशियर मांगेराम जिन्होंने सोसायटी के अन्य आरोपियों के माध्यम से घपले को अंजाम दिया जाता था।

एचएमटी के ट्रेनिंग सेटर में अप्रेंटिस करने आए बच्चों से लिए जाते थे पैसे
कंपनी के ट्रेनिंग सेंटर का इंचार्ज आरोपी प्रेमचंद था जिस पर ट्रेनिंग करने आए बच्चों ने आरोप लगाया कि आरोपी की ओर से अप्रेंटिस में प्रवेश देने और पास करवाने के नाम पर पैसे की वसूली की जाती थी। अप्रेंटिस करने आए बच्चों से एडमिशन और पास करवाने के एवज में 50 हजार रुपये तक की उगाही की जाती थी।
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पेट्रोल पंप पर नहीं मिलता था हफ्ते भर तक पेट्रोल
जब कंपनी के आरोपी आला पदाधिकारी सोसाइटी में घपले कर रहे थे तो हफ्ते भर तक पेट्रोल पंप पर तेल नहीं मिलता था और पेट्रोल पंप पर पहुंचे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

शिकायत के बाद हुआ था तबादला
एचएमटी कार्मिक संघ की शिकायत के बाद आरोपियों का कंपनी मैनेजमेंट ने तबादला कर दिया। आरोपी पीके सिन्हा को हैदराबाद, प्रेमचंद को अजमेर जबकि मांगेराम को दिल्ली भेज दिया गया। इनमें से दो आरोपी इस साल कंपनी से रिटायर हो गए हैं। एचएमटी कंपनी ने कर्मचारियों को कंपनी द्वारा दिए जाने वाले लाभ जैसे ग्रेच्युटी, पीएफ आदि निकालने पर लगाई रोक।

शिकायत मिलने के बाद एचएमटी के पूर्व डीजीएम और कोऑपरेटिव कंज्यूमर सोसायटी के प्रेसिडेंट व प्रबंधक प्रेमचंद के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा कुछ लोगों के खिलाफ अज्ञात में केस दर्ज हुआ है। मामले की जांच पंचकूला अपराध शाखा द्वारा जारी है। जैसे-जैसे इस मामले में नाम सामने आएंगे एफआईआर में उनके नाम शामिल किए जाएंगे।
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- मुकेश कुमार, थाना प्रभारी पिंजौर।
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