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चंडीगढ़ में प्रदूषण की रोकथाम के लिए एमओयू साइन

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चंडीगढ़। दूषित हवा के खिलाफ चंडीगढ़ सहित देश के 102 शहरों में सोमवार को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को लांच किया गया। नई दिल्ली में पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने इस कार्यक्रम को लांच किया। इस दौरान चंडीगढ़ में प्रदूषण की रोकथाम के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ करार हुआ, जबकि पंजाब के लिए पीजीआई के साथ। कार्यक्रम में पंजाब यूनिवर्सिटी की इन्वायरमेंट स्टडीज डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रो. सुमन मोर, पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रो. रविंद्रा खैवाल और चंडीगढ़ पाल्यूशन कंट्रोल कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी टीसी नौटियाल मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उसे कम करने की दिशा में काम करना है। इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2024 तक हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रदूषकों के स्तर में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें चंडीगढ़ के अलावा पंजाब के 9 शहर शामिल हैं।
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प्रदूषण कैसे कम किया जाए, इसके लिए पंजाब यूनिवर्सिटी व पीजीआई पंजाब व चंडीगढ़ को टेक्निकल सपोर्ट करेंगे। इसके लिए छोटे व विस्तृत प्रोग्राम बनाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान वायु की गुणवत्ता निगरानी को बेहतर बनाने और वायु प्रदूषण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।

इसलिए किया गया चंडीगढ़ का चयन
पर्यावरण मंत्रालय ने डब्ल्यूएचओ और एयर क्वालिटी डाटा के आधार पर चंडीगढ़ का चयन किया है। पिछले दो से तीन साल में देखा गया है कि पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा तय लिमिट से ज्यादा दर्ज की जा रही थी, जो एक बड़े खतरे की ओर संकेत दे रहे थे। यदि अभी इस पर ध्यान नहीं दिया जाता तो आने वाले समय पर चंडीगढ़ का हाल भी दिल्ली जैसा होने लगता। दूसरी तरफ, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एक रिपोर्ट के आधार पर एक्शन प्लान तैयार करने का दबाव बनाया था।
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