चंडीगढ़। पीयू में वार्डन की तैनाती पर फैसला वीसी प्रो. राजकुमार बुधवार को करेंगे। इन पदों को लेकर फिलहाल पीयू में शिक्षकों के दो पक्षों में घमासान चल रहा है। इसके लिए कुछ शिक्षकों ने वरिष्ठता का मानक तय कर दिया, जिसका विरोध कई शिक्षकों ने किया है। उनका आरोप है कि पहले वरिष्ठता को ध्यान में नहीं रखा जाता था, लेकिन अब कुछ लोग अपने फायदे के लिए वरिष्ठता को आधार मान रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि विरोध में उतरे शिक्षक वीसी को अपना मांगपत्र सौंपेंगे।
पीयू में वार्डन की तैनाती पहले वाइस चांसलर अपने विवेक के आधार पर करते आ रहे थे, लेकिन पिछले दिनों से वरिष्ठता के आधार पर वार्डन बनाए जाने के लिए कुछ शिक्षकों ने दबाव बनाया। इसके आधार पर कुछ शिक्षकों को लाभ भी मिला जबकि पीयू कैलेंडर में वरिष्ठता का मानक नहीं है। यही नहीं पूर्व में वार्डन उन शिक्षकों को बनाया जाता था जिनके पास विभाग अध्यक्ष का जिम्मा नहीं होता था। लेकिन वर्तमान में कुछ शिक्षक चेयरमैन भी हैं और वार्डन भी। इस नियम का भी शिक्षक तेजी से विरोध कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वीसी ने एक पक्ष के दबाव में आकर वार्डन के नामों की घोषणा की तो शिक्षकों का दूसरा पक्ष इसका जमकर विरोध करेगा। कुछ शिक्षकों का कहना है कि यदि वरिष्ठता को आधार माना जाता है तो उसमें एक मानक और शामिल किया जाए, वह है विभागवार वार्डन का प्रतिनिधित्व। विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक वार्डन बनाए जाएं।