चंडीगढ़। सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट के बाद एक व्यक्ति ने प्राइवेट नौकरी की तलाश में एक कंपनी की मदद ली। कंपनी ने उनसे रजिस्ट्रेशन फीस ली और एक कार्ड जारी कर अच्छी नौकरी दिलाने का वादा किया। कई महीने तक कई इंटरव्यू देने के बाद भी कंपनी शिकायतकर्ता को इच्छा मुताबिक नौकरी नहीं दिला पाई। इसको लेकर मामला उपभोक्ता फोरम पहुंचा और फोरम ने कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए शिकायतकर्ता के बाकी बचे 8160 रुपये वापस करने के आदेश दिए। इसके अलावा शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 7000 रुपये मुआवजा और 5000 रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 ने सुनवाई के दौरान जारी किए।
चंडीगढ़ सेक्टर-20बी में रहने वाले सतबीर सिंह ने उपभोक्ता फोरम में सेक्टर-34ए स्थित क्राउन इंटरनेशनल और मोहाली एसएएस नगर स्थित यूनिवर्सल ग्रुप के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने काम करने को सोचा। विज्ञापन देखने के बाद वह क्राउन इंटरनेशनल कंपनी में गए। कंपनी ने उनसे 2160 रुपये चार्ज किए और उनका रजिस्ट्रेशन किया और साल के लिए एक कार्ड भी जारी किया। सुपरवाइजर की नौकरी के लिए उन्हें यूनिवर्सल ग्रुप में भेजा गया। वहां जाने के बाद सिक्योरिटी के तौर पर सैलरी का 50 प्रतिशत यानी 12,500 रुपये जमा कराने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने 12,500 रुपये जमा करा दिए, लेकिन वह वादे के मुताबिक अच्छी नौकरी नहीं दिला सके। शिकायतकर्ता ने जमा किए पैसे रिफंड करने की मांग की, तो सिर्फ 6500 रुपये ही वापस किए गए, बाकी के लिए मना कर दिया गया।
वहीं, क्राउन इंटरनेशनल ने 2160 रुपये रिफंड ही नहीं किए, जिसको लेकर उन्होंने फोरम का दरवाजा खटखटाया। दोनों कंपनियों को नोटिस भेजा गया। क्राउन इंटरनेशनल ने अपने जवाब में कहा कि 2160 रुपये रजिस्ट्रेशन के लिए चार्ज किए गए थे। उस वक्त शिकायतकर्ता को बताया गया था कि यह नॉन रिफंडेबल है। वहीं दूसरी कंपनी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने ज्वाइनिंग के तुरंत बाद नौकरी छोड़ दी इसलिए कंपनी की पॉलिसी के मुताबिक 40 से 60 फीसदी पैसे काटकर वापस कर दिए गए हैं। हालांकि फोरम ने इन दलीलों को नहीं माना और बाकी के 8160 रुपये वापस करने के आदेश दिए।