रायपुररानी। एक ओर मौसम की मार और दूसरी ओर अनाज मंडी में आवारा सांडों का कहर। ऐसे में किसानों द्वारा कड़ी मेहनत से तैयार गेहूं रायपुररानी-बरवाला क्षेत्र की अनाज मंड़ियों में सुरक्षित नहीं रहा। इस संबंध में न तो प्रशासन कोई पुख्ता प्रबंध नहीं कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान गोपाल राणा खटौली, सोनू सैनी टपरियां, नरेश गुज्जर, हेम सिंह शाहपुर, भगत सिंह नंबरदार खेड़ी, जतिन टोका, रण सिंह श्यामटू, सतीश वालिया मानकटबरा, शरणजीत सिंह काका सरपंच फिरोजपुर, जगीर सिंह रत्ताटिब्बी, कर्मजीत खेड़ी, महिंद्र पाल पारवाला, रिंकू ठाठर, राम सिंह पारवाला, शिव दयाल सैनी खटौला, किरण चंद, बहादुर ककराली, भजन सिंह टोड़ा ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान की गिरदावारी नही हो रही। अधिकारियों से मिली जानकारी अनुसार सिर्फ बीमा धारकों को मुआवजा मिल सकता है। जो किसानों के साथ अन्याय है। किसानों ने कहा कि मंडी में फसल पहुंच जाने पर पूरी जिम्मेवारी मार्केट कमेटी और मंडी बोर्ड की होती है पर दिन-दिहाड़े फसलों को अवारा पशु नष्ट कर रहे हैं। जिसकी वजह से किसानों को आर्थिक परेशानी के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड रही है।
ध्यान रहे कि सरकार ने करोड़ों रुपये की राशि से चाहरदीवारी के साथ अनाज मंड़ियों का निर्माण करवाया है इसके बावजूद भी अवारा पशुओं के झुंड यहां घुस आते हैं और अनाज को नष्ट कर रहे है।
रायपुररानी मंडी के सचिव नवदीप सिंह ने बताया कि इसकी जानकारी मिलते ही मंडी परिसर से पशुओं को निकलवा जा रहा है। सचिव ने कहा कि हर वर्ष आढ़ती एसोसिएशन को अस्थायी रूप से चौकीदार की व्यव्स्था करने के लिए लिखा जाता है पर आढ़ती वर्ग इस पर ध्यान नही दे रहा। इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए लिखा जाएगा।