फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच रुपये के लिए सामान्य अस्पताल में हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
पांच रुपये के लिए सामान्य अस्पताल में हंगामा
विज्ञापन


- लेडीज डॉक्टर को निकालीं गालियां, हाथापाई
- बुखार की दवा न मिलने पर गुस्साए परिजन

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में शनिवार रात पांच रुपये के लिए जमकर हंगामा हुआ। इतना ही नहीं चेकअप के बाद दवा न मिलने पर मरीज के परिजनों ने इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स व स्टाफ से गाली-गलौज कर हाथापाई भी करने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स ने किसी तरह बचाव किया। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों ने चौकी में लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर निधि कटौच ने बताया कि सेक्टर-12ए निवासी एक महिला अपने पति के साथ बुखार की दवा लेने आईं थीं। जब उनका चेकअप किया गया तो बुखार 99 डिग्री निकला। इसके बाद उन्होंने कहा कि गले और शरीर में दर्द है, जिसकी दवा कार्ड पर लिखकर रूम नंबर-105 से लेने के लिए कहा गया। लेकिन आठ बजे के बाद फार्मेसी बंद होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने वापस आकर कार्ड फीस पांच रुपये वापस मांगना शुरू कर दिया। पैसे वापस न मिलने पर गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री से शिकायत करने की दी धमकी
डॉक्टर निधि कटौच का आरोप है कि महिला पेशेंट के पति ने उनके साथ हाथापाई भी करने की कोशिश की, लेकिन गार्ड ने बीच बचाव किया। उन्होंने बताया कि उनके साथ ड्यूटी पर डॉ. ममता, डॉ. संजय और डॉ. श्वेता भी तैनात थीं। सभी ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी की भी सुनने को तैयार नहीं हुए। आरोप है कि पेशेंट ने पॉलिटिकल कमेंट कसते हुए वीडियो भी बनाई और धमकी देते हुए कहा कि वह उन्हें नौकरी से निकलवा देंगी। इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात अन्य डॉक्टरों को तबादला करने की भी धमकी दी और कार्ड को फाड़ दिया। डॉक्टरों का आरोप है कि पेशेंट ने यह कहकर बवाल काटा कि कांग्रेसियों ने उन्हें सिर पर चढ़ा रखा है। वह उनकी प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत करेंगे।

हंगामे के चलते एक घंटे ठप रही इमरजेंसी
विवाद के चलते सेक्टर-6 सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी करीब एक घंटे तक ठप रही। इस दौरान प्वाइजन केस का मरीज स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा, लेकिन उसे किसी ने अंदर नहीं आने दिया। वहीं, कुछ अन्य मरीज भी चेकअप के लिए गेट के बाहर खड़े होकर विवाद शांत होने का इंतजार करते रहे। लोगों का कहना था कि फार्मेसी बंद होने के कारण विवाद हुआ है। जबकि इसके लिए डॉक्टरों का कोई कसूर नहीं है। यदि इन्हें परेशानी है तो इसकी लिखित शिकायत देनी चाहिए कि फार्मेसी 24 घंटे खुलनी चाहिए।
विज्ञापन


दोनों पक्षों ने दी चौकी में लिखित शिकायत
दोनों पक्षों ने इस मामले की शिकायत चौकी पुलिस को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने विवाद की सच्चाई जानने के लिए अस्पताल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें