बम-बम भोले के उद्घोष से गूंज उठा सकेतड़ी
- जलाभिषेक के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब
- दो लाख श्रद्धालुओं ने किया भोले का दर्शन
- 1.5 क्विंटल दूध का शिवलिंग पर हुआ जलाभिषेक
- 200 क्विंटल दूध प्रसाद के रूप में किया वितरित
- रात 12 बजे खुला कपाट, सात बजे लग गई थी कतार
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। भोले के भक्तों की लगी लंबी कतार, बम-बम भोले का होता उद्घोष, रंग-बिरंगी झालरों से सजा मंदिर मार्ग और जगह-जगह लगे स्वागती गेट, लाइटों से चमकता प्राचीन शिव मंदिर, मार्ग के दोनों तरफ लगे लंगर और लुत्फ उठाते श्रद्धालु।’ यह अद्भुत नजारा सोमवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पंचकूला के सकेतड़ी मंदिर में देखने को मिला। यहां स्थित महाभारत कालीन प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर का कपाट रविवार मध्यरात्रि ठीक 12 बजे खुला, लेकिन भोले बाबा के दीदार को भक्तों की कतार शाम सात बजे से ही लग गई।
भोले के दर्शन को विभिन्न राज्यों व जिलों से पहुंचने वाले शिव भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कोई कमी न रहे जाए इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। उनके जलपान से लेकर ठहरने तक की समुचित व्यवस्था की गई थी। शिवरात्रि पर जहां बड़ी संख्या में भक्तों ने जलाभिषेक किया, वहीं वीवीआईपी भी माथा टेकने में पीछे नहीं रहे। पूरा दिन सकेतड़ी बम-बम भोले के उद्घोष से गूंजता रहा। मंदिर प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की मानें तो करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ति के लिए कामना की। जलाभिषेक के लिए कमेटी की तरफ से करीब डेढ़ क्विंटल दूध का प्रबंधन किया गया था, जबकि 200 क्विंटल दूध का लंगर लगाया गया।
दो किमी. लंबी लगी श्रद्धालुओं की कतार
सकेतड़ी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। हालांकि सूर्य की लालिमा मंद पड़ने के साथ भक्तों की कतार भी छोटी होती गई। लेकिन रात 12 बजे तक यह क्रम जारी रहा। वहीं, मंदिर की तरफ आने और जाने वाले श्रद्धालुओं को करीब चार किलोमीटर के भीतर जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े इसके मद्देनजर पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। वहीं, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वाहन से लगातार गश्त करते रहे। जबकि सुरक्षा के लिए मंदिर मार्ग में चार स्थान पर बैरीकेड्स लगाए गए थे। मंदिर में भोले के दीदार को आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था, जहां से लगातार घोषणा हो रही थी। लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया जा रहा था कि यदि किसी तरह की दिक्कत हो तो किस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
किसी का पर्स तो किसी का बच्चा गायब
कंट्रोल रूम से लगातार घोषणा होने के बावजूद भी मेले में पर्स चोर सक्रिय रहे। इस दौरान करीब 30 से 40 लोगों के पर्स गायब हो गए। जबकि कुछ लोगों की लापरवाही भी सामने आई। वे अपने तीन से चार साल की बच्ची का हाथ छोड़कर गायब हो गए। कंट्रोल रूम में बैठे माता मनसा देवी सेवक दल के प्रधान देवेंद्र कौशल ने बताया कि एक महिला का पर्स चोरी हो गया, जिसमें करीब 910 रुपये थे, जबकि एक व्यक्ति का पर्स चोरी हुआ, जिसमें मात्र पांच रुपये थे।
भांग का घोटा पीने से कई बच्चों की बिगड़ी हालत
मेले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उस वक्त सख्त हो गए जब कुछ बच्चों की तबियत भांग का घोटा पीने से बिगड़ गई। जैसे ही बच्चों की सेहत बिगड़ने की सूचना मिली एमडीसी थाना प्रभारी पारस टीम के साथ गश्त पर निकल पड़े। उन्होंने मेले और मंदिर मार्ग में भांग के लगे सभी स्टालों को तत्काल प्रभाव से हटवा दिया। इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई दोबारा नजर आ गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
400 जवानों ने संभाली मेले की कमान
मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान केशव राम गुप्ता ने बताया कि मंदिर और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब चार सौ जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिसमें 200 पुलिस के जवान थे, 50 ऑल इंडिया जनता सेवक दल के सदस्य, 80 माता मनसा देवी सेवक दल, 40 मंदिर प्रबंधक कमेटी के सेवादार और बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेवा में कार्यरत रहे। वह कतार को संभालने के दौरान जल प्रदान करना, मंदिर परिसर के अंदर हर आधे घंटे के बाद सफाई करने की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
महाशिवरात्रि पर लाखों किया दान
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मंदिर में जहां लाखों रुपये का चढ़ावा चढ़ाया, वहीं गौसेवा और रक्तदान के लिए भी दान किए। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्हें उम्मीद थी कि करीब 40 से 50 हजार भक्त ही पहुंचेंगे, लेकिन 24 घंटे के भीतर करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका।