ट्राईसिटी के लोगों में तेजी से फैल रही फंगल इन्फेक्शन
- सर्दियों के मौसम में त्वचा रोगों में फंगल इन्फेक्शन सबसे खतरनाक: डॉ. विकास शर्मा
- हरियाणा के कई गांव फंगल इन्फेक्शन ग्रस्त, छूने से फैलता है फंगल इन्फेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सर्दियों के मौसम में गीले कपड़ों को सूखने में समय लगता है। जिसके कारण कई बार हम हल्के गीले कपडे़ पहन लेते हैं। भले ही ऐसे कपड़े गीले महसूस न हो लेकिन इन कपड़ों का गीलापन हमारी त्वचा के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता हैं। क्योंकि गीले कपड़े पहनने से फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है। जो कि हमारी त्वचा के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं। स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. विकास शर्मा के अनुसार फंगल इन्फेक्शन सर्दियों के मौसम में फैलने वाली साधारण बीमारी है। लेकिन इसका यदि समय पर इलाज न किया जाए तो धीरे-धीरे परिवार के सभी सदस्य इसकी चपेट में आ सकते है। उनके पास रोजाना ट्राईसिटी से 60 से अधिक फंगल इंफेक्शन ग्रस्त मरीज आते हैं।
लक्षण: फंगल इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षणों में से खारिस, जलन, चकते पड़ना मुख्य है जिसके बाद त्वचा पर सफेद छिलके की परत बनना शुरू हो जाती हैं। धीरे-धीरे यह शरीर के फोल्ड होने वाले हिस्सों में भी फैलना शुरू हो जाती है और त्वचा पर काले धब्बे छोड़ना शुरू कर देते हैं। जिसका इलाज आसान नहीं।
गर्भवती महिलाओं के लिए फंगल इन्फेक्शन खतरनाक
डॉ. विकास ने बताया कि फंगल इन्फेक्शन एक वायरल इन्फेक्शन है। जो कि छूने से बहुत जल्दी फैलती है। स्टूडेंट्स व खिलाड़ियों में इसके फैलने का खतरा अधिक बना रहता है। क्योंकि खिलाड़ियों व स्टूडेंट्स में खेलकूद व कई अन्य एक्टिविटी होती रहती है। ऐसे में यदि एक भी खिलाड़ी या स्टूडेंट को फंगल इन्फेक्शन हो तो पूरी क्लास व टीम में इसके फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि फंगल इन्फेक्शन गर्भवती महिला को हो जाए तो गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।
हरियाणा के कई गांव फंगल इन्फेक्शन ग्रस्त
हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश के कई गांव फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ चुके हैं। जिनमें फंगल इन्फेक्शन के प्रति जागरूकता न होने के कारण वह उचित इलाज नहीं करवाते और बिना डॉक्टर की सलाह लिए किसी भी केमिस्ट स्टोर से दवाईयां व क्रीम लेकर इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा करने से इन्फेक्शन और भी फैल जाती है जिसका इलाज बाद में मुश्किल हो जाता है। फंगल इन्फेक्शन का मेडिसन कोर्स पहले एक से ढाई माह का होता था लेकिन अब यह कोर्स ढाई से तीन महीने का है। दवाईयों का असर दिखने के बाद कुछ लोग डॉक्टर के बताए कोर्स को अधूरा छोड़ देते हैं जिससे बाद में दवा का सेवन करने पर दवा असर करना छोड़ देती हैं।
फंगल इन्फेक्शन खो सकता आपकी पहचान
फंगल इन्फेक्शन से फिंगर प्रिंट्स पर भी असर पड़ता है। जिस कारण अगर मरीज बायोमीट्रिक मशीन पर अपने फिंगर प्रिंट्स लगाए तो वह स्वीकार नहीं करती है। जबकि वर्तमान समय में आधार से लेकर पासपोर्ट तक किसी भी आईडेंटिटी प्रूफ के लिए फिंगर प्रिंट्स मुख्य हैं।
ऐसे करें बचाव
- सूखे और साफ कपड़े पहनें।
- अधिक तंग कपड़े कम और ढीले कपड़े पहने।
- पानी का अधिक सेवन करें।
- जंक फूड और चटपटे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करे।
- फंगल इन्फेक्शन के मेडिसन कोर्स के दौरान एल्कोहल का इस्तेमाल न करें।