फ्लैग: स्कूल की बेसमेंट में कामर्शियल एक्टिविटी का मामला
हेडिंग: एचएसवीपी के ईओ ने दिए जांच के आदेश, स्कूल प्रबंधन में मचा हड़कंप
- सेक्टर-12ए में क्राइम ब्रांच के नजदीक स्थित स्कूल का ईओ ने किया निरीक्षण
- बेसमेंट के साथ मिला स्वीमिंग पूल, नक्शा दिखाने के आदेश
अवधेश शुक्ला
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के नियमों को ताक पर रखकर बेसमेंट में कामर्शियल एक्टिविटी चलाने वाले निजी स्कूल प्रबंधकों की अब खैर नहीं है। यदि किसी स्कूल की बेसमेंट में एक्टिविटी संचालित मिली तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। क्योंकि इस मामले को जिला उपायुक्त मुकुल कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने एचएसवीपी के ईओ आशुतोष राजन को इस दिशा में तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, ईओ ने अधिकारियों को शहर के सभी निजी स्कूलों की चेकिंग करने साथ 24 घंटे के अंदर स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। उपायुक्त और ईओ के इस आदेश से बेसमेंट में कामर्शियल एक्टिविटी करने वाले निजी स्कूल प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों से जानकारी यह भी मिली है कि कुछ निजी स्कूल संचालकों ने तो कार्रवाई से बचने के लिए एक्टिविटी से संबंधित इंफ्रास्क्चर को हटा लिया है और स्टाफ को अलर्ट कर दिया है।
ईओ ने टीम के साथ किया निरीक्षण
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ईओ आशुतोष राजन शुक्रवार शाम को टीम के साथ सेक्टर-12-ए में क्राइम ब्रांच के पीछे बने स्कूल में पहुंचे। उन्होंने पूरे स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें स्कूल के बेसमेंट में स्वीमिंग पूल भी मिला। आशुतोष राजन ने स्कूल संचालक से स्वीमिंग पूल के अप्रूवल से संबधित कागजात मांगे तो वह मौके पर दिखा नहीं पाए। ईओ ने स्कूल संचालक को शनिवार 12 बजे तक कागजात दिखाने के लिए समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अप्रूवल से संबंधित कागजात स्कूल संचालक ने नहीं दिखाए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेसमेंट में ऑडीटोरियम का क्या काम?
एचएसवीपी के ईओ आशुतोष राजन सबसे पहले सेक्टर-12-ए स्कूल के बेसमेंट में पहुंचे। उन्होंने बेसमेंट में ऑडीटोरियम देख पूछा कि यहां इसका क्या काम है। ईओ ने बताया कि बेसमेंट में क्लास चलने से संबंधित कोई सामान नहीं मिला है। इसके बाद भी उन्होंने इस दिशा में विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि नियमों के विपरीत कार्य करने वाले को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगी। चाहे वह कितनी ही बड़ी पहुंच क्यों न रखता हो।
अमर उजाला की खबर पर एक्शन
बेसमेंट में निजी स्कूल संचालकों द्वारा कामर्शियल एक्टिविटी चलाने के मामले को अमर उजाला ने शुक्रवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार के माध्यम से खुलासा किया था कि कुछ नामचीन स्कूल संचालक स्टूडेंट्स की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। वह निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए बेसमेंट में क्लास चला रहे हैं, जबकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमानुसार किसी भी स्कूल की बेसमेंट में किसी तरह की भी कामर्शियल एक्टिविटी का संचालन नहीं हो सकता है। नियमानुसार स्कूल संचालक बिना अप्रूवल के बेसमेंट का निर्माण नहीं कर सकते हैं। यदि उन्होंने अप्रूवल लेकर बेसमेंट का निर्माण किया है तो उसका प्रयोग केवल वाहन पार्किंग और स्टोर के रूप में ही कर सकते हैं।
बेसमेंट में क्लास या फिर कामर्शियल एक्टिविटी का संचालन करना नियमों के विपरीत है। यह स्टूडेंट्स की जिंदगी से खिलवाड़ करना है। क्योंकि बेसमेंट को पार्किंग या फिर स्टोर की सुविधा के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मामले को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ईओ आशुतोष राजन को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। - मुकुल कुमार, उपायुक्त जिला पंचकूला।
बेसमेंट में कामर्शियल एक्टिविटी का संचालन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को जांच के आदेश दिए गए हैं। शहर में कई निजी स्कूल ऐसे हैं जिनके संचालक नियमों को ताक पर रखकर एक्टिविटी करवा रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के अंतर्गत शुक्रवार को भी सेक्टर-12ए स्थित एक बड़े स्कूल का भी निरीक्षण किया है। स्कूल संचालक से कुछ कागजात दिखाने को कहा गया है। - आशुतोष राजन, ईओ, एचएसवीपी।
निजी स्कूल संचालक बेसमेंट में किसी तरह की कोई कामर्शियल एक्टिविटी का संचालन कर रहे हैं इसकी जानकारी मेरे पास नहीं है। - एचएस सैनी, डीईओ पंचकूला।