आरओबी की सभी बाधाएं हुई दूर, 31 को सीएम करेंगे शिलान्यास
- अब लोगों को बलटाना से एनएच 22 से जाना पड़ेगा बाहर
- डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा ओवरब्रिज
- विधायक ज्ञानचंद गुप्ता बोले, लोगों से किया वादा पूरा कर दिया
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर-19 के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी करने के लिए वीरवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल आरओबी के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। इसी के साथ वे 26 करोड़ रुपये की लागत से बने 103 रूम के रेस्ट हाउस का लोकार्पण भी करेंगे। इस बात की पुष्टि स्थानीय विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने की है। उन्होंने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद शिलान्यास के लिए सीएमओ से तारीख मिल गई है। मुख्यमंत्री वीरवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे दोनों प्रोजेक्ट का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने बताया कि आरओबी का निर्माण कार्य कंपनी 15 माह में पूरा करेगी।
गौरतलब है कि सेक्टर-19 रेलवे क्रासिंग (आरओबी) पर सैकड़ों वाहन चालकों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ता था। लेकिन आरओबी के बनने से यह समस्या दूर हो जाएगी। सेक्टर-19 में आरओबी के लिए बैरीकेटिंग पहले ही कर दी गई है। चिरंजी लाल गुप्ता एंड संस प्राइवेट लिमिटेड ने अपना सामान बजरी, रेता, जेसीबी, सरिया भी मौके पर रख दिया। इतना ही नहीं शिलान्यास के लिए दीवार भी बनकर तैयार है। चिंरजी लाल गुप्ता कंपनी के प्रबंधक कश्मीरी लाल गुप्ता ने बताया कि आरओबी का निर्माण कार्य तय समय के अंतर्गत पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य के चलते लोगों को वैकल्पिक रास्ता बलटाना से एनएच 22 से ही पंचकूला के दूसरे हिस्सों में जाना पड़ेगा। बिजली के खंबे और तारें, पेड़ शिफ्ट करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिख दिया गया है। एमएलए ज्ञान चंद गुप्ता ने अपने घोषणा पत्र में यह एक वायदा किया था। दरअसल सेक्टर-19 में आरओबी को रेलवे मंत्रालय ने हरी झंडी दी थी।
30 करोड़ रुपये की लागत से होगा आरओबी का निर्माण
सेक्टर-19 रेलवे क्रासिंग पर बनने वाले आरओबी पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह आरओबी एल शेप में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से बनेगा। इंडस्ट्रियल एरिया में एचएसवीपी के सीमेंट स्टोर व फ्लोर मिल के बीच सडक़ से शुरू होगा और सेक्टर-19 में बने पार्क में जाकर खत्म होगा। इसका निर्माण लगभग सवा साल में पूरा करने का टारगेट रखा गया है। इस संबंध में तकनीकि सलाहकार एवं अधिक्षक अभियंता चंडीगढ़ के कार्यालय में निविदा पूर्व बैठक हुई थी।
पहले बनी थी अंडरब्रिज की योजना
पहले यहां रेलवे अंडरब्रिज बनाने पर विचार हो रहा था, लेकिन रेलवे लाइन के दोनों तरफ जगह कम होने के कारण आरयूबी बनाने की प्लानिंग कैंसिल कर दी गई। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और सेक्टर-19 के बीच से जा रही रेलवे लाइन पर आरयूबी बनाने की मांग काफी पुरानी है। हर लोकसभा, विधानसभा व नगर निगम चुनाव में यह मुद्दा बनता रहा। चुनाव जीतने के बाद इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता था। लेकिन जिस सक्रियता से पंचकूला के विधायक ज्ञान चंद गुप्ता इस ओवरब्रिज की फाइल क्लीयर करवाने में लगे रहे।
आरओबी प्री फेब्रिकेटेड और प्री इंटीनियर होगा:
इंडस्ट्रियल एरिया और सेक्टर-19 के बीच बनने वाला आरओबी प्री फेब्रिकेटेड और प्री इंटीनियर होगा। इसमें आरओबी बनाने के लिए फाउंडेशन डाली जाएगी तो साइज के हिसाब से साथ ही अन्य मैटीरियल बनना शुरू हो जाएगा। जब फाउंडेशन तैयार हो जाएगी तो तैयार मटीरियल की इस पर फिटिंग कर आरओबी तैयार कर दिया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी से तैयार आरओबी कम समय में बनकर तैयार होने के साथ इसमें 100 परसेंट क्वालिटी भी सुनिश्चित होगी। मैटीरियल की फीटिंग से पहले ही टेस्टिंग हो चुकी होगी। इससे एक बार फिट हो चुके मैटीरियल को दोबारा बदलने की गुंजाइश नहीं रहेगी।