पंचकूला से मोरनी के लिए बस सेवा हुई बहाल
- स्कूल-कालेजों के छात्रों सहित पंचकूला आने वाले लोगों ने ली राहत की सांस
- सर्दी के मौसम में छात्र बसों की छत पर सफर करने को थे मजबूर
अतुल गर्ग
मोरनी। जल्दबाजी में परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा मोरनी से पंचकूला तक के लिए महत्वपूर्ण बस को बंद करने के फैसले को सवारियों की समस्या बढ़ती देख बदलना पड़ा है। सप्ताहभर पहले अधिकारियों ने पंचकूला से मोरनी के लिए शाम 6 बजे चलने वाली बस का समय बंद करने के फैसले ने दैनिक सफर करने वाले लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया था। बस के बंद होने से शाम के समय पंचकूला से मोरनी की तरफ चलने वाली बसों में भीड़ बढ़ने लगी थी। सवारियों को बसों की छतों पर बैठकर सफर करने का जोखिम उठाना पड़ रहा था जोकि कभी भी हादसे का कारण बन सकता था। इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर मोरनी के लिए बस के दोबारा शुरू होने से पंचकूला से मोरनी जाने वाले लोग खुश दिखाई दिए।
बता दें कि परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने छुट्टी वाले दिन मोरनी-पंचकूला मार्ग पर औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बस में मौजूद सवारियों की संख्या को कम देखते हुए बस को बंद करने का निर्णय लिया था। सवारियों का कहना था कि बसों में भीड़ के चलते बच्चे बसों की छतों पर सफर करने को मजबूर हो रहे थे। जोकि मोरनी पहाड़ी क्षेत्र व सर्दी के मौसम के हिसाब से सबसे अधिक खतरनाक था। इसलिए विभाग के अधिकारियों ने सवारियों की समस्या को देखते हुए बस को दोबारा से सुचारु करने का निर्णय सराहनीय कदम है। इससे सैकड़ों की संख्या में शाम के समय मोरनी पहुंचने वाले लोगों का सफर सुगम बनेगा।
सबसे दुर्गम क्षेत्र में आज भी नहीं बढ़े बस के चक्कर
मोरनी के सबसे दुर्गम क्षेत्र व हिमाचल की बाउंड्री के साथ लगे धामण गांव तक बसों के चक्कर पिछले कुछ महीनों से जरूरत के हिसाब से काफी कम हैं। इस समस्या से मोरनी से धामण गांव तक के बीच 25 किलोमीटर के रूट पर पड़ने वाले दर्जनभर गांवों के स्कूली व कॉलेज के बच्चों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली छात्र जंगलों के बीच से पैदल निकलकर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने अपनी इस समस्या से कई बार परिवहन विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया परंतु लगातार उनकी इन मांगों को दरकिनार कर उन्हें व उनके बच्चों के लिए कठिनाई पैदा की जा रही है। ग्रामीणों ने हरियाणा सरकार से मोरनी धामण रूट पर बसों के चक्कर बढ़ाने की मांग की है ताकि पिछड़े क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुविधा मिल सके।