अब फायर बॉल के एक धमाके से बुझ जाएगी भीषण आग
- अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों व यंत्र से लैस हुआ फायर ब्रिगेड
- हाईड्रोलिक क्रेन से 12 मंजिला तक आग बुझाने में फायर सक्षम
- तंग गली में बुलेट फायर ब्रिगेड करेगी आग बुझाने में सहायता
- धुएं से बचाव को मास्क भी मुहैया करवाए गए
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। शहर का दमकल विभाग अब और भी ज्यादा हाईटेक हो गया है। विभाग को ऐसे सुरक्षा यंत्रों से लैस कर दिया गया है जिससे भीषण आग पर भी आसानी से काबू पाया जा सकता है। अब आग लगने पर दमकल की टीम अत्याधुनिक सुरक्षा यंत्रों के साथ पहुंचेगी। इस दौरान टीम के पास एक ऐसी बॉल होगी, जिसे आग के अंदर फेंकते ही फटने पर चंद सेकेंड में आग बुझ जाएगी। इसके अलावा कई ऐसे यंत्र निगम की ओर से खरीद कर उपलब्ध करवाए गए हैं, जोकि पंचकूला दमकल विभाग के पास ही हैं। अब दमकल विभाग भीषण आग से निपटने के लिए अपग्रेड हो गया है। नगर निगम ने 30 फायर बॉल खरीदे हैं, जिन्हें कहीं पर भी आग लगने की सूचना मिलने के बाद विभाग लेकर पहुंचेगा। हैंडबॉल के आकार वाली इस गेंद का वजन करीब डेढ़ किलो है। जबकि अग्निशमन यंत्र की बोतल का वजन 6 से 7 किलो होता है। इसका प्रयोग करना थोड़ा कठिन होता है, जबकि छोटे आकार और कम वजन के चलते जरूरत पड़ने पर कोई भी फायर बॉल का इस्तेमाल आसानी से कर सकता है।
इमरजेंसी लाइफ सेविंग डिवाइस
नगर निगम पंचकूला की ओर इमरजेंसी लाइफ सेविंग डिवाइस भी मुहैया करवाई गई है। आग में जब कोई व्यक्ति फंसा होगा तो दमकल विभाग का कर्मचारी इसे लेकर अंदर जाएगा और फंसा हुआ व्यक्ति इसे पहनकर बाहर आ जाएगा।
थर्मल इमेजिंग कैमरा
आग के बाद धुएं से कहीं पर भी अंधेरा छा जाता है और दमकल कर्मचारियों को कुछ भी नजर नहीं आता। जिस कारण दमकल कर्मचारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। अब यह थर्मल कैमरा पहनकर दमकल कर्मचारी अंदर के अंदर आसानी से घुस जाएगा। हैंड और मास्क थर्मल इमेजिंग कैमरा खरीदा गया है।
लाइफ सपोर्ट बचाएगा फायर फाइटर को
लाइफ सपोर्ट भी अब दमकल कर्मचारी को बचाएगा। जैसे ही आग के अंदर गया कर्मचारी धुआं या आग के कारण बेहोश होगा तो यह सिस्टम आवाज करेगा। पहले 15 सेकेंड तक लाइफ सपोर्ट फायर फाइटर की बॉडी को देखता है। यदि वह हिल नहीं रहा है तो वह आवाज करना शुरू कर देता है। जैसे-जैसे सेकेंड बढ़ते हैं आवाज बढ़नी शुरू हो जाती है. ताकि बाहर से फायर फाइटर को मदद मिल सके।
फायर प्रूफ हैड लैंप
फायर प्रूफ हेड लैंप में सेंसर सिस्टम लगे हुए हैं, जोकि हाथ की मूवमेंट से जलता और बंद होता है। अब हाथ में टॉर्चर पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दमकल कर्मी के सिर पर हेलमेट पहनकर जाएगा, जिसमें यह लैंप लगा होगा और खुद जलेगा व बंद हो जाएगा।
पंचकूला दमकल विभाग के पास कई उपकरणों की कमी थी। आग लगने पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई बार आग लगने के बाद कर्मचारियों को दिक्कत होती थी। अब कई ऐसे उपकरण खरीदे गए हैं, जोकि चंद सेकेंड में आग पर कंट्रोल कर देंगे। - राजेश जोगपाल, प्रशासक, नगर निगम
यह उपकरण खरीदे
- सेल्फ कंटेंड ब्रीदिंग ऑपरेट्स
- आपातकालीन जीवन रक्षक उपकरण
- थर्मल इमेजिंग कैमरे
- सीओ 2 भरा आग बुझाने
- आग बुझाने की बॉल
- फायर प्रूफ हेड लैंप
- सीई प्रमाणित हुड, जूते, दस्ताने और परावर्तक धारीदार परिधान के साथ अग्नि सुरक्षा सूट
- फायर फाइटर बचाव लोकेटर और कॉल प्वाइंट
- फायर प्रूफ वैरिफोकल सर्च लाइट
- थर्मल इमेजिंग कैमरे के साथ स्वयं निहित श्वास उपकरण
- सेल्फ कंटेन ब्रीथिंग उपकरण
- हार्ड टोपी
सेक्टर-21 में लगी आग, झुग्गी राख
सेक्टर-21 में शनिवार देर रात एक पेड़ में आग लग गई, जिसने नीचे बनी एक झुग्गी को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने की सूचना जैसे ही दमकल विभाग के अधिकारियों को मिली वह मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि आग किस कारण से लगी इसका पता नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि पहले पेड़ में आग लगी फिर झुग्गी जली है। अंदेशा जताया जा रहा है कि बिजली की लाइन के शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी हो। हालांकि किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।