छत्रपति हत्याकांड:
17 नाके, 1200 जवान, 9 मजिस्ट्रेट ने संभाली कमान
- प्रशासन ने करवाई वीडियोग्राफी, ड्रोन से शहर पर रखी नजर
- सीपी और डीसीपी खुद शहर में भ्रमण कर लेते रहे जानकारी
- कोर्ट परिसर से एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया
- नामचर्चा घरों पर पुलिस की रही पैनी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। डेरा प्रमुख राम रहीम की पेशी के मद्देनजर प्रदेश सरकार के इंतजाम इस बार सराहनीय रहे। शहर में परिंदा पर भी न मार सके, इसके लिए चार एंट्री प्वाइंट समेत कुल 17 नाके लगाए गए थे। कोर्ट परिसर समेत शहर में 1200 जवान और 9 ड्यटी मजिस्ट्रेट सुरक्षा में तैनात रहे। वहीं, पुलिस कमिश्नर और डीसीपी खुद निरीक्षण करते दिखे। पुलिस और प्रशासन ने शहर की हलचल पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। वहीं, किसी तरह का माहौल खराब होने पर शरारती तत्वों तक पहुंचने के लिए वीडियोग्राफी भी करवाई। कुल मिलाकर पुलिस और प्रशासन ने पेशी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी। वहीं, कोर्ट परिसर में एक संदिग्ध के दिखाई देने पर पुलिस जवानों ने घेराबंदी करके तत्काल हिरासत में ले लिया, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
प्राइवेट वाहनों की एंट्री रही बैन
पेशी से पहले ही पुलिस ने बेला विष्टा चौक से माजरी रूट को पूरी तरह बंद कर दिया। मीडिया और वकीलों के लिए सूरज थिएटर के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। कोर्ट में जरूरी काम से आने वाले लोगों को आईकार्ड और पेपर चेक के बाद ही आगे बढ़ने दिया गया। इस मौके पर कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील रहा। अदालत परिसर में पुलिस के 240 जवान तैनात रहे। शहर की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा पुलिस की कुल 9 बटालियन तैनात रहीं।
पहली बार दिखा धारा-144 का असर
शहर में पहली बार धारा-144 का असर देखने को मिला। यही कारण रहा कि कोर्ट परिसर से लेकर कई जगह सन्नाटा पसरा रहा। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस जवान किसी को भी ठहरने की इजाजत नहीं दे रहे थे। वहीं, बड़ी संख्या में शहरवासी भी पुलिस की मदद करते दिखाई दिए।
हाई अलर्ट पर रहीं सुरक्षा एजेंसियां
डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि पेशी के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहीं। शहर में होने वाली हलचल को जानने के लिए सिविल वर्दी में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई थी। घुड़सवारी और अन्य वाहनों पर सवार होकर जवान गश्त करते नजर आए। संदिग्ध होने पर पुलिस की ओर से कई लोगों की जांच की गई। मीडिया पर्सन को भी अदालत से दो सौ मीटर दूर रखा गया।