गाना मेरे पैशन: विक्की चौहान
कालका-पिंजौर रोड स्थित स्टूडियो में पहुंचे हिमाचली सिंगर ने कही दिल की बात
अमर उजाला ब्यूरो
कालका। कॉलेज के दिनों में गायकी का बड़ा शौक था और यूनिवर्सिटी के दिनों में अक्सर बसों में यार दोस्तों की टोलियों के साथ गाना गाया करता था और दोस्तों के आग्रह पर गाना मेरा पैशन बन गया और देखते ही देखते मैं कामर्शियल गीत गाने लग गया। जी हां हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश के गायक कलाकार विक्की चौहान की। वह अपने नए गीत को कंपोज करवाने के लिए कालका-पिंजौर रोड पर स्थित वॉक्स स्टूडियो में पहुंचे, जहां सिंगर विक्की चौहान का म्यूजिक डायरेक्टर और सिंगर विनय ने भव्य स्वागत किया। उन्होंने यहां पर अपने नए गाने को कंपोज करवाया।
अठारह साल पहले रखा गायकी की दुनिया में कदम
इस अवसर पर अमर उजाला से बात करते हुए हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध सिंगर विक्की चौहान ने अपने विचार सांझा किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में गायकी की दुनिया मे कदम रख लिया था और उनकी पहली एलबम नीरु चली घूमदी चली काफी हिट रही। उनका पहला गीत झुमके -झुमके से हिमाचल प्रदेश में अच्छी पहचान मिली। सिंगर विक्की चौहान ने कहा कि उन्होंने हिमाचली फिल्म कुंजू चंचलो और नीरु ले गई दिल में भी काम किया, वहीं उत्तराखंड मूवी में भी काम करने का उन्हें मौका मिला था। विक्की चौहान ने कहा कि अभी उनका एक हिमाचली फेमस सांग बॉलीवुड मूवी में भी धमाल मचाने आ रहा है, लेकिन प्रोडक्शन के बंधन में बंधने के कारण गाने के बोल नही बता पाएंगे।
दो सौ से ज्यादा हिमाचली गाने गा चुके हैं विक्की
सिंगर विक्की चौहान ने कहा कि वह अब तक 250 हिमाचली गाने गा चुके हैं और जिसमें से 200 गीत उनके लिखे हुए हैं और सभी गाने हिट हैं। उन्होंने माना कि झुमके झुमके ने पूरे हिमाचल में अलग पहचान दिलाई। सिंगर विक्की चौहान ने कहा कि उनके परिजन नही चाहते थे कि गाने गाए बल्कि कहीं नौकरी कर ले, लेकिन मेरे गीतों ने मुझे पहचान दिलाई और मैं तीन दिन में हिमाचल प्रदेश का स्टार बन गया। उन्होंने कहा कि जब तक शरीर में सांस है वह लोगों के लिए गाने गाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आजकल युवा वर्ग नशा कर रहा है, सिंगर विक्की चौहान ने कहा कि नशे का दूसरा नाम मौत है इसलिए नशा न करके इंसान अपनी जिंदगी खुशी से जिये, क्योंकि जिंदगी एक बार मिलती है। बार बार नहीं। उन्होंने युवा वर्ग को नशे को छोड़ने की सलाह भी दी।