बीते समय से सीख ले आगे सुधरने का नाम ही जिंदगी: विज
पंचकूला। नववर्ष के आगमन पर पंचकूला के सेक्टर-पांच स्थित निजी होटल में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें चंडीगढ़ साहित्य संवाद के प्रेम विज, भंडारी अदबी ट्रस्ट के जाने माने शायर अशोक नादिर, कवि विजय कपूर, शारदा अध्यक्ष गांधी स्मारक निधि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़ के साथ अन्य कवि मौजूद रहे। बीते साल को विदाई और नए साल के आगमन की कविताओं के साथ-साथ उभरती हुई कवयित्री, लेखिका पूजा सैनी का गीत ‘रूह दा प्यार’ लांच किया गया। कार्यक्रम में एक-एक कर सभी कवियों ने अपनी रचनाओं को पेश किया। इस दौरान प्रेम विज ने बदलाव ही सच्चाई है, वर्ष आते रहेंगे, जाते रहेंगे और हम नए साल के रेसोलुशन बनाते रहेंगे, लेकिन बीते समय से सीख ले आगे सुधरने का नाम ही जिंदगी है पंक्तियां कही।