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गर निगम मेयर एवं काउंसिलरों ने लगाऐ कमिशनर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

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मेयर और पार्षदों ने कमिशनर पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
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दफ्तर आगे रोष धरना और नारेबाजी, हाउस मीटिंग में न आने से भड़के मेयर और काउंसिलर
कमिशनर ने आरोप नकारे
दविंदर पाल सिंह
मोगा। नगर निगम मेयर के नेतृत्व में काउंसिलरों ने निगम कमिश्नर खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। जनरल हाउस की मीटिंग में न आने पर गुटबाजी में बांटे काउंसिलरों ने एकजुटता का जताकर कमिश्नर पर काउंसिलरों को बेइज्जत करने का आरोप लगाकर जोरदार नारेबाजी की। हंगामे के दौरान कमिश्नर करीब 3 घंटे टाउन हाल क्लब में बैठी रहीं। इस मौके पर मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर अनिल बांसल एवं डिप्टी मेयर जरनैल सिंह समेत सभी काउंसिलर मौजूद थे।
इस मौके मेयर अक्षित जैन ने बताया कि पहले 21 नवंबर को जनरल हाउस की मीटिंग बुलाई गई थी, उस दिन कमिश्नर अनीता दर्शी ने किसी काम का बहाना बनाकर 29 नवंबर को शाम 3 बजे का समय और तारीख तय करा ली। उन्होंने बताया कि महिलाओं समेत सभी काउंसलर हाउस की मीटिंग में हिस्सा लेने पहुंचे लेकिन कमिश्नर अनीता दर्शी न तो खुद पहुंचे और न ही उनका कोई अन्य सीनियर अधिकारी नुमाइंदे के तौर पर आया। मीटिंग में न आने से भड़के मेयर और काउंसलरों ने निगम कमिश्नर दफ्तर आगे रोष धरना लगा कर नारेबाजी शुरू की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कमिशनर ने अपने दफ्तर आगे आज्ञा लेकर मिलने का बोर्ड लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर काउंसिलरों को बेइज्जत किया जाता है।
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इस मौके मेयर अक्षित जैन व अन्य काउंसलरों ने रोष जताते हुए कहा कि स्थानीय सरकारी विभाग के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू विभाग में बड़े प्रशासनिक सुधारों के दावे कर रहे हैं। उन्होंने नगर निगम में भ्रष्टाचार उजागर करते आरोप लगाया कि स्थानीय कमिशनर अनीता दर्शी के भ्रष्टाचार से लोग बेहद प्रेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि लोगों से अवैध कब्जे और इमारतों के नक्शे पास करने की आड़ में लाखों रुपये रिश्वत ली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया मोगा नगर निगम भ्रष्टाचार में डूब चुकी है। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता की सोच के मुताबिक न भ्रष्टाचार करूंगा ओर न करने दूंगा। उन्होंने कहा कि निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं बनने दिया जायेगा। उन्होंने दावा किया इस भ्रष्टाचार संबंधित पुख्ता सबूत भी मौजूद हैं। उनकी ओर से संबंधित अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस से निष्पक्ष एवं बढ़िया तरीके से विजिलेंस से जांच कराने की मांग की, ताकि और बड़े घोटाले सामने आ सकें।
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जिक्रयोग्य है कि नगर काउंसिल को निगम का दर्जा मिलने बाद फरवरी 2015 में पहली बार चुनाव हुआ और निगम चुनाव के बाद गुटबाजी में बंटे काउंसिलरों की जंग के कारण शहर का विकास नहीं हो सका। यहां काउंसलरों में खींचतान के कारण बहुत देर कोई कमिश्नर भी नहीं टिका और कई कमिश्नरों का 10 से महीने का कार्यकाल ही रहा और अधिक से अधिक 6 महीने का समय रहा है। निगम कमिश्नर अनीता दर्शी ने काउंसिलरों की ओर से भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से नकारते कहा कि मुख्य दफ्तर से टीम यहां पड़ताल करने आई थी और उनके साथ टाउन हाल क्लब में खाना खाने चले गए थे।

फोटो कैप्शन - मोगा नगर निगम में कमिशनर खिलाफ उनके दफ्तर आगे धरना देते मेयर अक्षित जैन एवं काउंसिलर
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