पाकिस्तान में भारतीय दूतावास को गुरुद्वारों में दर्शन से रोकने के पीछे हाफिज सईद : मजीठिया
अकाली दल ने सरकार पर साधा निशाना, कहा- पंजाब सरकार शताब्दी समारोह साझे तौर पर मनाए
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़। अकाली दल के सीनियर नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया ने कहा कि पाकिस्तान के गुरुधामों के दर्शन करने के लिए भारत सरकार की तरफ से लिए फैसले से संगत अरदास पूरी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। बिक्रम मजीठिया एक अकाली नेता के पिता के भोग समागम में श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। पत्रकारों से बात करते हुए मजीठिया ने कहा कि पाकिस्तान में भारतीय दूतावास को गुरुद्वारों के दर्शन से रोकने के पीछे आतंकी हाफिज सईद का हाथ है। उन्होंने कहा कि हाफिज सईद का चेला ऐसा कर रहा है, उसे सरकार की शह है। मजीठिया ने कहा कि पंजाब में शांति है लेकिन आईएसआई गड़बड़ी कर रही है। पंजाब के हालात पर उन्होंने कहा कि राज्य में भाईचारक सांझ को खतरा है। हालात बिगड़ने के कारण राज्य में कोई उद्योग नहीं आ रहा, जबकि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। सरकार अपने वादे निभाए। राज्य में इन दिनों सबसे महंगी बिजली और डीजल के अलावा प्रोफेशनल टैक्स लगा दिए गए हैं। मजीठिया ने निरंकारी भवन में हुए हमले के आरोपी को पकड़ने के सवाल पर कहा कि पकड़ा गया आरोपी सच्चा है या झूठा है, सरकार इसे साफ करे। उन्होंने कहा कि ग्रेनेड अटैक और एके47 की बात 1990 सन सुनी थी, जबकि अब हालात फिर वैसे ही बनते जा रहे हैं और ऐसे में पंजाब पीछे चला जाएगा।
राज्य सरकार को अलग शताब्दी प्रोग्राम नहीं करने चाहिए: चंदूमाजरा
इस दौरान श्री आनंदपुर साहिब से सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक दिन था, जिस दिन करतारपुर कॉरिडोर को खोलने का फैसला हुआ और दिल्ली में रखे धार्मिक समागम में मौजूदा तथा पूर्व प्रधान मंत्री इकट्ठे दिखे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने शताब्दी मनाने के लिए एसजीपीसी को नोडल एजेंसी बनाया है। इसलिए राज्य सरकार को अलग शताब्दी प्रोग्राम नहीं करने चाहिए।
सोमवार को होना वाला समागम यादगार होगा
अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सोमवार को सुलतानपुर लोधी में होना वाला समागम यादगार होगा और इसका काम पूरा कर इसी शताब्दी में संगत को गुरु साहिब स्थान के दर्शन होने चाहिए। इस दौरान चीमा ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने जात पात व कर्म कांड के खिलाफ मुहिम खड़ी की और उनकी सोच को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुलतानपुर लोधी में हुए समागम साझे होने चाहिए थे और गुरु साहिब के संदेश को छोटी राजनीति में नहीं लाना चाहिए।