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रेड अलर्ट के कारण प्रशासन ने नहीं दी मेला लगाने की मंजूरी

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रेड अलर्ट में प्रशासन ने नहीं दी मेले की मंजूरी
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नेहरू स्टेडियम में 10 दिन से हो रही थी तैयारी, 24 घंटे में सामान समेटने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। अमृतसर के निरंकारी सत्संग घर में हुए ग्रेनेड हमले के बाद पूरे पंजाब में रेड अलर्ट घोषित किया गया। इसी के चलते पिछले 10 दिन से नेहरू स्टेडियम में चल रही मेले की तैयारियों को वीरवार सांय प्रशासन ने रोक दिया और 24 घंटे के अंदर सारा सामान समेटने के निर्देश भी दिए।इससे मेला संचालकों को लाखों रुपए का नुक्सान हुआ है। वहीं एसडीएम ने कहा कि राज्य में रेड अलर्ट के कारण सुरक्षा को देखते हुए ऐसे सार्वजनिक मेले को अनुमति नहीं दी जा सकती।
नेहरू स्टेडियम में गुरुपर्व के दिन लगाए जाने वाले मेले पर प्रशासन की ओर से अचानक प्रतिबंध लगा दिया। ठेकेदार को स्टेडियम में लगाए झूलों व अन्य स्टालों को 24 घंटों के भीतर निर्देश जारी किए। गुरुग्राम के मेला आयोजक विनय कुमार ने बताया उन्होंने नेहरू स्टेडियम में मेला लगाने के लिए प्रशासन से 13 नवंबर को मंजूरी मांगी थी। प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही उन्होंने पिछले 10 दिन से मेले की तैयारियां शुरू कर दी और गगनचुंबी झूले आदि फिट कर दिए। इस मेले में पंजाबी साहित्य से जुड़ी कलाकृतियों के अलावा हस्तनिर्मित फर्नीचर व अन्य वस्तुओं के स्टाल लगाए जाने थे। उन्होंने बताया कि गत दिवस एसडीएम एनओसी न देते हुए नेहरू स्टेडियम खाली करने के निर्देश दे दिए।
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इससे उनकी 10 दिन से की जा रही मेहनत बेकार हो गई। उन्होंने बताया कि मेले में झूले व स्टालें आदि लगाने के लिए पिछले 10 दिनों से करीब 200 मजदूर लगे थे। वीरवार देर शाम नगर परिषद के ईओ व थाना नंबर 1 के प्रभारी ने मौके पर पहुंच कर 24 घंटे में स्टेडियम खाली करने के निर्देश दिए। एसडीएम पूनम सिंह ने बताया कि 18 नवंबर को अमृतसर में निरंकारी भवन पर हुए हमले के बाद राज्यभर में अलर्ट घोषित है। इसे देखते हुए शहर के बीचों बीच इतनी भीड़ एकत्र करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि बिना एनओसी आयोजकों ने मेले की तैयारियां शुरू क्यों की।
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