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डाक्टर पर लापरवाही का आरोप

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महिला की मौत, परिजनों ने लगाया धरना
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नौ अक्तूबर को डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग न रुकने पर डीएमसी किया गया था रेफर, रविवार को मौत
परिजनों का आरोप, डॉक्टर की लापरवाही से गई जान, पुलिस जांच में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। बच्चे को जन्म देने के बाद ब्लीडिंग नियंत्रण में नहीं होने पर बरनाला से लुधियाना रैफर की गई महिला की मौत हो गई। इससे बाद नाराज परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राइवेट अस्पताल के बाहर धरना लगा दिया। पीड़ित परिवार के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन एकता व भारतीय किसान यूनियन डकौंदा भी उतर आई। अस्पताल के गेट के सामने मृतका का शव रखकर नारेबाजी की गई। परिजनों की मांग थी कि जब तक लापरवाही करने वाले डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रहेगा और मृतका का अंतिम संस्कार भी नहीं किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतका अमनदीप शर्मा के भाई लवदीप शर्मा ने बताया कि उनकी बहन की शादी 2013 में संगरूर के गांव झाड़ों निवासी प्रिंस शर्मा के साथ हुई थी। पांच साल बीतने पर वह गर्भवती हुई। आठ अक्तूबर को उसे बरनाला के प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया। नौ अक्तूबर को उसकी बहन की नार्मल डिलीवरी हुई और उसने एक लड़की को जन्म दिया। डिलीवरी के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण उसकी बहन काफी सीरियस हो गई। इसके बाद उसे डीएमसी लुधियाना रेफर कर दिया गया। जहां 11 नवंबर की उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत के जिम्मेदार प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर हैं।
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वहीं प्रदर्शन के दौरान बढ़ते तनाव को देखकर एसएसपी हरजीत सिंह ने थाना सदर के प्रभारी कुलदीप सिंह को अस्पताल के अंदर तैनात कर दिया। किसान यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर डाक्टर के खिलाफ जल्द मामला दर्ज न किया गया तो वे शव हाईवे पर रखकर जाम लगाएंगे।

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प्राइवेट अस्पताल की डॉक्टर ने कहा कि अमनदीप को डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग शुरू हो गई थी, जिसको कंट्रोल कर उसे डीएमसी रेफर कर दिया गया। डीएमसी में अमनदीप का एक महीना इलाज चला। अभी उसको छुट्टी मिलने वाली थी लेकिन वहां भी उसको इंफेक्शन हो गया, जिस कारण उसकी मौत हो गई।

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मृतका का पोस्टमार्टम करने के लिए तीन डाक्टरों का पैनल बना दिया गया है, अगर डाक्टर पर लापरवाही पाई गई तो सख्त कानूंनी कारवाई के लिए लिखा जाएगा। जिला पुलिस मुखी हरजीत सिंह ने कहा कि पैनल की रिर्पोट आने के बाद अगली कानूंनी कारवाई की जाएगी।
- जसवीर सिंह औलख, एसएमओ, सिविल अस्पताल

--कोट--
डॉ. रिंपी बंसल पर लगाया जा रहा लापरवाही का आरोप गलत है। हमने जिला पुलिस मुखी और डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन भी दिया है। यदि कोई भी व्यक्ति उक्त अस्पताल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो गलत होगा।
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- डॉ. आर. सी गर्ग, जिला प्रधान, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन

परिवार में खुशियों पर लगा ग्रहण
मृतका के परिजनों ने बताया कि उनके परिवार में पांच साल बाद किसी बच्चे की किलकारी गूंजी थी और भाई की शादी की तैयारियां चल रही थी। लेकिन अमनदीप की मौत से दोनों खुशियों पर ग्रहण लग गया। वहीं अमनदीप की नवजन्मी बच्ची मां के दूध के बिना खूब रो रही थी।
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