कंडी क्षेत्र के लिए वरदान बना सोलर इरिगेशन प्रोजेक्ट
- 14 गांवों के 1200 किसानों की 1700 एकड़ जमीन हुई खुशहाल
-ड्रिप व फव्वारा सिंचाई सिस्टम से पानी की हो रही बचत
- लगभग 41 करोड़ रुपये की लागत से बना प्रोजेक्ट
-सोलर पैनल के माध्यम से रोजाना 1100 किलोवाट बिजली पैदा करने की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर। किसानों के सिंचाई के लिए गांव जुगियाल में लगा पंजाब का पहला सोलर लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट कंडी क्षेत्र की जमीनों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस प्रोजेक्ट से कंडी इलाके में हरियाली लौट आई है। प्रोजेक्ट के माध्यम से किसान फसली चक्र से निकल कर फसली विभिन्नता को पसंद कर अपनी आय में और वृद्धि कर रहे हैं।
पंजाब सरकार की ओर से 40.93 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए सोलर लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट (सोलर पावर कम्यूनिटी लिफ्ट एंड माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट) के माध्यम से तलवाड़ा व हाजीपुर इलाके के 14 गांवों के 1200 किसानों की करीब 1700 एकड़ (664 हेक्टेयर) जमीन को सिंचाई के लिए पानी मुहैया करवाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से उक्त किसानों की ऊंची जमीनों पर ड्रिप व फव्वारा सिंचाई तकनीक से पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे पानी की भी बचत हो रही है। इसके अलावा सरकार के इस बेहतरीन प्रयास से किसान पारंपरिक खेती के स्थान पर फसली विभिन्नता को उत्साहित कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट कंडी कैनाल के माध्यम से रोजाना 15.7 क्यूसिक पानी ड्रिप तकनीक से खींच कर खेतों में पहुंचाता है। सिंचाई के लिए 14 गांवों को जरूरत के मुताबिक 100 प्रतिशत ड्रिप व फव्वारा सिस्टम से पहुंचाया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर ईशा कालिया ने बताया कि कंडी क्षेत्र के जो किसान पानी की किल्लत के कारण निराश थे, वह इस प्रोजेक्ट के कारण हल्दी, अदरक, सरसों, बाग, सब्जियां, दालें, गेहूं, मक्की व लैमन ग्रास आदि की खेती करके खुशहाल व उन्नत खेती की ओर चल पड़े हैं। उक्त खेती के लिए धान के मुकाबले पानी का बहुत कम उपयोग होता है।
एसडीओ तलवाड़ा केशव कुमार ने बताया कि वे प्रोजेक्ट के शुरू होने से लेकर मुकम्मल होने तक कंडी क्षेत्र के किसानों के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण विभाग की ओर से तीन एकड़ में बने डैमो प्लांट (प्रदर्शनियां) भी लगाए गए हैं, जिससे किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि कौन सी सब्जी को ड्रिप सिंचाई सिस्टम की जरूरत है। प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सोलर पैनल पर 46 मोटरें चल रही हैं। एक मोटर 20 से 25 हार्स पावर की है और मोटर का सामार्थ 70 से 75 मीटर की (हेड) है। उन्होंने बताया कि मशीनें चलाने के लिए 3798 सोलर पैनल पंजाब सरकार की ओर से लगाए गए हैं, जबकि प्रोजेक्ट को सुचारु ढंग से चलाने के लिए 378 छोटे भागों में बांटा गया है, जिससे 18 डिस्ट्रीब्यूशन पानी की लाइन जोड़ी गई हैं। पूरे प्रोजेक्ट का कंट्रोल कंप्यूटर साफ्टवेयर स्काडा, क्लाउड सिस्टम के माध्यम से किया जा रहा है। बड़ी बात यह है कि इस सौर प्रोजेक्ट का कोई बिजली का बिल भी नहीं आ रहा है।
गांव जुगियाल के किसान बलकार सिंह, अरविंद कुमार, कैप्टन मुख्तियार सिंह, गांव घगवाल के किसान अमित राणा व गांव चंदोली देपुर के किसान राकेश कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से वह उन्नत खेती की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनको ड्रिप सिस्टम व फव्वारा सिस्टम से पैदा होने वाली सब्जियां आदि की खेती के लिए मदद की जा रही है। बलकार सिंह ने बताया कि पहले उनको बारिश के पानी पर निर्भर होना पड़ता था, जिससे खर्चा भी पूरा नहीं होता था। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए इस प्रोजेक्ट की प्रशंसा करते हुए बताया कि वह 14 एकड़ में फव्वारा सिस्टम के माध्यम से खेती कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी काफी मजबूत हुई है।
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फोटो कैप्शन
सोलर इरीगेशन प्रोजेक्ट में लगे ड्रिप व फव्वारा सिंचाई सिस्टम जिससे पानी की भी हो रही बचत
- लगभग 41 करोड़ रु पये की लागत से बने प्रोजेक्ट के सोलर पैनल जो रोजाना 1100 किलोवाट बिजली पैदा करते हैं