बीडीपीओ और पंचायत सचिवों को बंधकर बना एनएच किया जाम
मामला गांव बौडे में गंदे पानी की निकासी, मौका देखने पहुंचे थे बीडीपीओ
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। गांव बौडे में पानी के निकासी की समस्या को पिछले 7 दिन से पंचायत और लोगों में चल रहे टकराव ने सोमवार को उस समय गंभीर रूप धारण कर लिया, जब मौका देखने के लिए पहुंचे बीडीपीओ निहाल सिंह वाला से लोगों की तकरार हो गई और लोगों ने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के नेतृत्व में बीडीपीओ और मौके पर हाजिर पंचायत सचिवों को बंदी बना लिया। बेसक बीडीपीओ निहाल सिंह वाला मौके से झकानी देकर ओर प्राईवेट गाड़ी से भागने में सफल रहे। बाद में गुस्साए पीडित गांव वासियों ने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के जिला प्रधान अमरजीत सिंह सैदोके, ब्लाक प्रधान गुरचरन सिंह रामा और ब्लाक नेता बूटा सिंह भागीके के नेतृत्व में मोगा बरनाला राष्ट्रीय मार्ग पर जाम लगा दिया जो कि डेढ़ घंटा जारी रहा। इस मौके डीएसपी निहाल सिंह वाला सुबेग सिंह और थाना प्रमुख बधनी कलां सुरजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करके मामले को हल करने का भरोसा दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मंगलवार 17 जुलाई को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की हाजिरी में पुलिया डालकर और पंचायत के खर्च पर मिट्टी डाल कर पानी के निकासी का प्रबंध किया जाएगा। उनके भरोसे बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय मार्ग से धरना उठाकर बीडीपीओ की गाड़ी को छोड़ा गया। इस मौके किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी जान बूझकर समस्या का हल नहीं कर रहे हैं। गांव बौडे में भी गांव की गलियों में भरे गंदे पानी से जहां महिलाओं ओर पुरुषों को निकलने के लिए भारी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, वहीं गांव में बीमारियां फैलने का खतरा बना है। पंचायत और बीडीपीओ जान बूझकर लोगों की समस्या को हल करने की बजाय टालमटोल कर रहे थे।
फोटो कैप्शन - गांव बौडे में बीडीपीओ निहाल सिंह वाला को घेरकर नरेबाजी करते किसान-मजदूर।