संशोधित
सभी केंद्र, 2003 की जगह 2013 कर लें
तीन वर्षों से चिट्ठी न कोई संदेश
इराक गए भलाण के युवक की आवाज सुनने को तरसे माता-पिता
प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री से माता पिता ने बेटे को वापस लाने की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
नंगल।
पेसे कमाने के लिए नंगल के गांव भलाण का युवक सुधीर इराक के मोसुल गया है, लेकिन तीन वर्षों से उसका कोई अता पता नहीं लग सका है। जिस कारण उसके माता पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। सुधीर के पिता रमेश चंद्र व उसकी पत्नी की मानें तो उसका बेटा सुधीर चंडीगढ़ के एक एजेंट के माध्यम से 2013 में इराक गया था, एक वर्ष तो उनकी बेटे से बातचीत होती रही। लेकिन अब तीन वर्षों से वह बेटे की आवाज सुनने को भी तरस गए हैं। इन तीन वर्षों से न तो उसका कोई पत्र आया और न ही कोई फोन। उन्होंने कहा कि इराक में भारतीय समुदाय के लोगों से हो रही घटनाओं से उनका दिल घबरा रहा है। रातों की नींद उड़ गई है। सुधीर के माता पिता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व श्री आंनदपुर साहिब से सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा को पत्र लिख कर बेटे का पता लगाकर का वापस भारत लाने की गुहार लगाई है।