चेक बाउंस होने पर 2 वर्ष की सजा
एक लाख 87 हजार वापस करने का आदेश
बरनाला।
जज आरपीएस चीमा ने चेक बाउंस मामले में एडवोकेट पंकज सिंगला तपा की दलीलों से सहमत होते हुए दोषियों को दो वर्ष की सजा और डेढ़ गुणा रकम वापस करने का फैसला सुनाया। केवल कृष्ण मित्तल पुत्र कौर सैन निवासी तपा जो 2013 दौरान पटियाला में सरकारी नौकरी करता था, उसने अपने ही कार्यालय के चपरासी रौनक सिंह पुत्र काका सिंह निवासी लहरागागा को सवा लाख रुपये जरूरत के तौर पर उधार दिए थे। जब रुपये वापस मांगे तो रौनक सिंह ने काफी बहाने के बाद सवा लाख रुपये का चेक दिया। चेक को जब बैंक में लगाया गया तो खाते में रुपये न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। अपनी रकम वापस लेने के लिए 2014 से पीड़ित ने कानूनी लड़ी। जज आरपीएस चीमा ने रोनक सिंह पुत्र काका सिंह निवासी लहरागागा को सवा लाख का 1 लाख 87 हजार 500 रुपये यानी डेढ़ गुणा अधिक रुपये वापस करने और 2 वर्ष कैद की सजा सुनाई।