फिल्म नानक शाह फकीर के खलाफ लहराए अलगाववादी झंडे
मान के साथ पहुंचे वर्करों ने बरनाला में तोड़ा कानून
मान ने कहा-फिल्म गुरु मर्यादा व सिख सिद्धांत के खिलाफ
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
शिरोमणी अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने कहा है कि भारतीय संसद व विधानसभा में हमारा कोई नुमाइंदा ऐसा नहीं जो सिखों की बात कर सके। अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह व अपनी उम्र पूरी कर चुकी एसजीपीसी ने उस नानक शाह फकीर नामक फिल्म को मंजूरी दी है जो सिख सिद्धांतों के खिलाफ है। अगर इस फिल्म पर अंकुश नहीं लगाया गया तो नतीजे गंभीर हो सकते हैं। जिला प्रबंधकीय परिसर पहुंचे मान ने कहा कि वे इस मुद्दे को कल वैसाखी के अवसर पर श्री दमदमा साहिब (साबो के तलवंडी) में मंच पर गंभीरता से उठाएंगे और पंथक गुटों व सभी सिख संगठनों को फिल्म के विरोध में इक मंच पर आने की अपील करेंगे। मान ने राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम लिखा ज्ञापन स्थानीय डिप्टी कमिश्नर को सौंपा। जिसमें फिल्म पर प्रंतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा नानक शाह फकीर से फिल्म का टाइटल आर्य समाज मुखी दयानंद सरस्वती द्वारा लिखित पुस्तक से लिया गया है। जिसका विरोध देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन और यूके के दौरे के दौरान वहां बैठे बिठाए देखने को मिलेगा। इस मौके पर पहुंचे वर्करों ने खालिस्तान के झंडे भी लहराए।
खालिस्तान के झंडे लहराते जिला प्रबंधकीय परिसर की ओर बढ़ रहे शिअद (अ) के वर्करों को सीआईडी एवं पंजाब पुलिस के जवान देखते रहे, लेकिन किसी ने झंडे कब्जे में लेने की हिम्मत नहीं जुटाई।
फोटो कैप्शन : 13बीएनएल-62पी-जिला प्रबंधकीय परिसर में वर्करों को संबोधित करते हुए सिमरनजीत सिंह मान।
फोटो कैप्शन : 13बीएनएल-63पी-जिला प्रबंधकीय परिसर में खालिस्तान के झंडे लहराते हुए वर्कर।
फोटो कैप्शन : 13बीएनएल-64पी-डिप्टी कमिश्नर बरनाला धर्मपाल गुप्ता को ज्ञापन सौंपते हुए शिअद (अ) अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान व अन्य।