जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने लिया बेअदबी घटनास्थलों का जायजा
गांव चुघ्घा खुर्द, रोडे़, दौलतपुरा नीवा और मोगा-घल्लकलां लिंक रोड का दौरा किया
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने वीरवार को गांव चुघ्घा खुर्द, रोडे़, दौलतपुरा नीवा और मोगा-घल्लकलां लिंक रोड का दौरा किया। उन्होंने इन गांवों में हुई बेअदबी की घटनाओं के स्थान का जायजा लिया। इसके अलावा इन मामलों से जुड़े लोगों से जानकारी हासिल की और बयान भी दर्ज किए।
जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने थाना सदर के अधीन गांव दौलतपुरा नीवा और मोगा-घल्लकलां लिंक रोड पर 2015-16 में हुई चार घटनाओं के अलावा गांव चुघ्घा खुर्द और संत जरनैल सिंह भिंडरावाला के जद्दी गांव रोडे का दौरा किया। उन्होंने पवित्र धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी घटनाओं की विस्तार में जानकारी हासिल की। इस दौरान उन घटनाओं के बारे में पुलिस के पास केस दर्ज करवाने वालों के बयान दर्ज करवाए। इसके अलावा इन मामलों की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों और मुलाजिमों से भी पूछताछ की।
उन्होंने कहा कि वह सूबे में करीब 122 बेअदबी घटनाओं की जांच कर रहे हैं। वह बहिबल कलां मुख्य कांड समेत करीब 90 बेअदबी की घटनाओं का स्थल देख चुके हैं। वह बेअदबी घटनाओं से जुड़े चश्मदीदों ओर अन्य के बयान मौके पर जाकर रिकॉर्ड कर रहे हैं। वह निष्पक्ष होकर लोगों के विचार हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में हर धर्म का सत्कार है। उन्हें सरकार ने बड़ी और संवेदनशील जिम्मेदारी दी है, इसलिए सभी से न्याय होगा।
उन्होंने कहा कि आयोग ने चाहे बहिबल कलां कांड की रिपोर्ट तैयार कर ली है, लेकिन वह सभी घटनाओं की इकट्ठी रिपोर्ट मई माह तक अपनी निष्पक्ष रिपोर्ट सरकार को सौंप देंगे और बाकी कार्रवाई सरकार का काम है। कैप्टन सरकार ने 14 अप्रैल 2017 को सूबे में श्री गुरु ग्रंथ साहिब व अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं की तह तक जाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस रणजीत सिंह के नेतृत्व में नया आयोग बना दिया था। कैप्टन सरकार ने तत्कालीन अकाली सरकार की ओर से स्थापित जस्टिस जोरा सिंह आयोग की रिपोर्ट इस आधार पर रद्द कर दी थी कि आयोग इन घटनाओं पीछे के लोगों की पहचान नहीं कर सका। 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां में पुलिस की गोलियों से दो सिखों की मौत के बाद सूबे का प्रशासनिक ताना बाना जाम हो गया था। लोगों के गुस्से को देखते हुए अकाली-भाजपा सरकार को अपने तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी का तबादला करना पड़ा था। बेअदबी की घटनाओं की जांच के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस जोरा सिंह के नेतृत्व में एक आयोग बना दिया था।
फोटो कैप्शन- 1- गांव रोडे में घटना स्थल का जायजा लेते रिटायर्ड जज जस्टिस रणजीत सिंह व अन्य
फोटो कैप्शन -1ए - गांव दौलतपुरा नीवा में घटना स्थान का जायजा लेते रिटायर्ड जज जस्टिस रणजीत सिंह व अन्य
फ़ोटो कैप्शन -1बी - गाँव चुघ्घा खुर्द में घटनें स्थान का जायजा लेते रिटायर्ड जज जस्टिस रणजीत सिंह व अन्य