मुआवजा न देने पर एसडीएम दफ्तर की बिल्डिंग समेत फर्नीचर अटैच
23 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़।
जिला की एक अदालत ने किसानों की अधिगृहित की गई जमीनों के मुआवजे की राषी न दोने पर एसडीएम दफ्तर की बिलडिंग समेत फर्नीचर को मामले से अटैच करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 अप्रैल को
निश्चित की है।
रोपड़ बाईपास के लिए गांव शामपुरा, रैलों आदि गांवों के राम हरकत राज, उर्मिला, बाबू राम, शकुंलता आदि 23 लोगों जमीनों को 3 मार्च 2010 को हुए पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन मुताबिक एसडीएम कम उपमंडल कलेक्टर न अधिग्रहण किया था। तब उपमंडल कलेक्टर ने इस जमीन को तीन भागों में बांटते हुए 45 लाख रुपए प्रति एकड़, 60 लाख रुपये तथा डेढ़ करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा तय किया था। जनवरी 2014 में किसानों ने अतिरिक्त जिला अदालत में ये याचिका दायर की थी कि उन्हें जो मुआवजा मिला है वह अलग अलग तय किया गया है, जबकि जमीन की मार्केट में कीमत एक बराबर ही है। एडवोकेट विक्रम राठौर व एडवोकेट सुमित पसरीचा ने बताया कि अदालत ने इस मामले में सभी किसानों के लिए प्रति एकड़ डेढ़ करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश 4 अगस्त 2015 को दिया था। आदेश तामील न होने के कारण किसानों ने आदेश जारी होने के दो माह बाद अदालत के आदेश को लागू करवाने की याचिका दायर की थी। अतिरिक्त जिला अदालत ने अब एसडीएम दफ्तर रोपड़ की इमारत वा फर्नीचर मामले में अटैच करने के आदेश दिए हैं और 23 अप्रैल की तारीख तय की है। इस तारीख को वैल्फ कार्रवाई की जानकारी अदालत में देगा। तब तक अगर एसडीएम कम उपमंडल कलेक्टर की तरफ से आदेश लागू करते हुए बढ़ाया गया मुआवजा अदा न किया गया तो इमारत व फर्नीचर को कुर्क करने की कार्रवाई हो सकती है।