मोगा में रही शांति, सांझ केंद्रों पर ताले
पुलिस सुरक्षा में लगी, एसएसपी दफ्तर और थानों में पसरा रहा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट की ओर से किए गए बदलाव खिलाफ दलित जत्थेबंदियों की ओर से दिए भारत बंद के दौरान शांति रही। दलित समाज ने शहर में काली झंडियां लेकर रोष मार्च निकाला और मोदी सरकार खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पुलिस मुलाजिमों की शहर में ड्यूटी लगने के चलते एसएसपी दफ्तर ओर थानों में सनाटा पसरा रहा औरसांझ केन्द्रों को ताले लगाने पड़े। बंद के दौरान कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटी। इस पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
नगर निगम में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेता औरआवामी जत्थेबंदियों ने भी दलित समाज के भारत बंद समर्थन किया। दलित समाज जत्थेबंदी फोर्स -1 के प्रदेश नेता रिटायई आईएएस डॉ. सवरन सिंह, भारत बंद तालमेल कमेटी नेता सतपाल अनजान, धरमिंदर सिंह जर्मनी, पनसप मुलाजिम जत्थेबंदी प्रदेश प्रधान रणजीत सिंह सहोता, नरेश बोहत ने कहा कि फैसले कारण दलितों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। दलित संगठनों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट ने गैरजमानती धाराओं को कमजोर कर दिया है। अब अदालत की जगह आरोपी को थाने से भी जमानत मिल सकती है।
जिला कांग्रेस प्रधान रिटायर्ड कर्नल बाबू सिंह ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए मौका दिया गया था। केंद्र सरकार ने केस की पैरवी ठीक तरह से नहीं की। इससे साफ है कि मोदी सरकार ने साजिश के तहत ऐसा किया है।पनसप मुलाजिम जत्थेबंदी के प्रदेश नेता रणजीत सिंह सहोता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एससी, एसटी एक्ट की महत्ता ही खत्म कर दी गई है। इससे समूचे दलित समाज में भारी रोष है।