कोठी के सामने रेहड़ी देख आग बबूला हुए एसडीएम
-जब्त करवाई फलों की रहड़ी, एक नहीं सुनी गरीब की
अमर उजाला ब्यूरो
खन्ना।
एसडीएम संदीप सिंह ने अपनी कोठी के सामने रेहड़ी देखी तो वह आग बबूला हो गए। उन्होंने तुरंत अपने गैनमैन को निर्देश देकर रेहड़ी जब्त करवा ली। बाद नगर काउंसिल के अफसरों को फोन करके रेहड़ी उनके सुपुर्द कर दी। हालांकि, गरीब रेहड़ी वाला लाख मिन्नतें करता रहा, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई।
बता दें कि शिव नारायण बाजारों में फेरी लगाकर रेहड़ी पर फल बेचता है। सब्जी मंडी से अंगूर लेकर निकल रहा था। जैसे ही वह एसडीएम की सरकारी कोठी के बाहर पहुंचा, तो उसे किसी का फोन आ गया। शिव नारायण रेहड़ी साइड पर लगाकर फोन सुनने लगा। तभी लंच टाइम के चलते एसडीएम संदीप सिंह अपनी कोठी में आ रहे थे। कोठी की दीवार के पास रेहड़ी खड़ी देखकर एसडीएम का गुस्सा सातवें आसमान पहुंच गया। उन्होंने गनमैन भेजकर रेहड़ी कोठी में लगवा ली। तभी नगर काउंसिल के ईओ रवनीत सिंह को फोन करके रेहड़ी जब्त करने को कहा गया। एसडीएम के फोन से लुधियाना में एक मीटिंग में बैठे ईओ ने काउंसिल मुलाजिमों को फोन कर दिया। काउंसिल से कुछ मुलाजिम भेजकर एसडीएम की कोठी से रेहड़ी उठवाई गई। शिव नारायण अफसरशाही की मिन्नतें करता रहा। लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।
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एक ही रेहड़ी पर कार्रवाई क्यों
इस संबंध में जब एसडीएम संदीप सिंह से जब पूछा गया कि एक ही रेहड़ी वाले पर कार्रवाई क्यों की गई तो उन्होंने कहा कि जो रेहड़ी उन्हें दिखेगी, उसी पर कार्रवाई होगी। उक्त व्यक्ति ने कोठी के बाहर रेहड़ी लगाई थी और उसे सबक सिखाने के लिए रेहड़ी जब्त कराई गई, ताकि दूसरों को भी सीख मिल सके।
गंभीर मसलों पर क्विक एक्शन क्यों नहीं
खन्ना प्रशासन की तरफ से आज तक गंभीर मसलों पर कोई क्विक एक्शन नहीं लिया गया। सिर्फ इतना कि रेहड़ी वाले ने एक अफसर की कोठी के बाहर रेहड़ी खड़ी कर दी तो एसडीएम ने उस धौंस जमाते हुए रेहड़ी जब्त करा दी। जबकि, शहर में अतिक्रमणों, कई इलाकों में गंदे पानी की निकासी के प्रबंध न होने समेत गंभीर मसलों पर कई मेमोरंडम एसडीएम को दिए जा चुके हैं। इन पर कोई एक्शन नहीं हो सका।
धक्केशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे : गोल्डी
रेहड़ी फड़ी यूनियन वेलफेयर सोसायटी के उप प्रधान गोल्डी शर्मा ने कहा कि जैसे ही उन्हें पता चला वे तुरंत काउंसिल में पहुंच गए थे और एसडीएम से भी बात की गई। जिन्होंने बाद में रेहड़ी छोड़ दी। लेकिन वे किसी प्रकार की धक्केशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। क्योंकि, वे सभी मेहनत करके अपने परिवार पालते हैं। प्रशासन को अगर सुधार करना है तो बहुत सारे काम हैं। पहले उन्हें रेहड़ियों के लिए कोई जगह अलाट कर दें, वे खुद ही जीटी रोड या अन्य सड़कों से पलायन कर जाएंगे।