नकल का खेल रोकने में विभाग फेल
परीक्षार्थी के स्थान पर डमी स्टूडेंट दे रहे बारहवीं की परीक्षा
अच्छे नंबरों से पास कराने की कीमत 25 से 35 हजार
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास करवाने के लिए जिले के कुछेक परीक्षा केन्द्रों पर कई शिक्षक कथित तौर से परीक्षार्थियों से 25 से 35 हजार रुपये ले रहे है। जानकारों की मानें तो जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर डमी परीक्षार्थियों की भरमार है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी डमी परीक्षार्थियों की पहचान कर पाने में असमर्थता जता रहे हैं।
विगत वर्षों की तरह इस बार भी जिला मुख्यालय से दूर बने कुछेक परीक्षा केंद्रों में रुपये लेकर अच्छे नंबरों से परीक्षा पास कराने का खेल हो रहा है। इस खेल में शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी भी शामिल है, जिनसे नकल कराने वाले परीक्षा केंद्रों को अधिकारियों की मूवमेंट की जानकारी हो जाती है, और जब कभी फ्लाइंग व अधिकारियों की टीम केंद्रों पर पहुंचती है तो उन्हें वहां सब कुछ ठीक मिलता है। नाम न छापने की शर्त पर कुछेक परीक्षार्थियों ने बताया कि कई शिक्षक सभी पेपर करवाने के लिए 25 से 35 हजार रुपये ले रहे है। इसकी पुष्टि पंजाबी भाषा के प्रश्नपत्र में गिदड़पजंगराई परीक्षा केंद्र में पकड़े गए मुन्ना भाई से होती है। किसी और कि जगह पर प्रश्नपत्र देने के आरोप में शिक्षा विभाग कि शिकायत पर गुरूहरसहाय पुलिस ने संदीप सिंह नाम के युवक पर मुकदमा भी दर्ज कर किया है।
डमी परीक्षार्थियों की पहचान मुश्किल: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी नेक सिंह के मुताबिक डमी परीक्षार्थियों के परीक्षा में शामिल होने कि सूचना तो है परंतु उनकी पहचान कर पाना मुश्किल भरा काम है। उन्होंने बताया कि अभी तक जिले में नकल के कुल सात केस सामने आ चुके है, यहीं नहीं गांव पिंड़ी के परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी कि आशंका पर सेंटर बदला जा चुका है। इसके अलावा एक नौजवान पर किसी और की जगह परीक्षा देने का मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। ेउन्होंने कहा कि शिक्षकों की ओर से पैसे लेकर नकल कराने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है, वह गोपनीय सूचना के आधार पर जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर उनकी नजर है।