2000 से जो पास नहीं हुए या कम अंक मिले हैं, उन्हें मिलेगा चांस
स्टूडेंट्स को एक और चांस देकर विशेष परीक्षा के नाम पर पीयू भरेगा खजाना
फीस के अलावा लिए जाएंगे 35 हजार रुपये
कोर्स पास करने या अंक बढ़ाने से वंचित रहे विद्यार्थियों को दिया है मौका
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
2000 से जो परीक्षार्थी किसी कोर्स में रह गए या उन्हें अंक कम मिले हैं, उन्हें पंजाब विश्वविद्यालय पटियाला ने एक परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है। लेकिन हर परीक्षार्थी को परीक्षा फीस के अलावा 35 हजार रुपये अलग से देने होंगे। पीयू की ओर से ली जाने वाली परीक्षा में भले ही परीक्षार्थी उतीर्ण हों या ना हों, लेकिन यूनिवर्सिटी के कोष में भारी भरकम राशि जमा हो जाएगी। बता दें कि पिछले 17 वर्षों के विद्यार्थियों को भी क्यों चुना गया, इसमें पीयू का असली उद्देश्य क्या है, उक्त परीक्षा में कितने परीक्षार्थी शामिल होंगे, अपनी उम्र में रोजगार के कीमती साल गंवा चुके नौजवानों को क्या उक्त परीक्षा पास करने पर कोई विशेष सुविधा हासिल हो सकेगी, जारी किए पत्र में यह बातें पीयू ने कहीं भी स्पष्ट नहीं की है।
वायरल हुआ यह पत्र
पंजाबी विश्वविद्यालय के (1961 के पंजाब एक्ट नंबर 35 के तहत स्थापित) परीक्षा शाखा कंट्रोलर द्वारा 16 फरवरी को जारी पत्र में लिखा है कि जो विद्यार्थी 2000 से यूनिवर्सिटी में पास नहीं हुए या कुल अंक कम प्राप्त किए। वे 28 मार्च 2018 तक 35,000/-रुपये+परीक्षा फीस भरकर कोर्स के अंक में वृद्धि के लिए परीक्षा दे सकते हैं। अलग से शामिल नोट में यह भी लिखा है कि यह परीक्षा केवल वही विद्यार्थी देने के योग्य होंगे, जिनके सभी विशेष अवसर और समय सीमाएं खत्म हो चुकी हैं। इसके अलावा जो विद्यार्थी कोर्स तो पास कर गए, लेकिन यूजीसी के दिशा-निर्देशानुसार वातावरण का विषय पास नहीं कर सके, उन्हें योग्यता परीक्षा पास करने के लिए परीक्षा फीस+1000/- रुपये विशेष फीस के तौर पर अदा करने होंगे, ताकि उन्हें डिग्री जारी की जा सके।
मोटी फीस वसूलना गलत निर्णय
कम अंकों से कोर्स पास चुके पंजाबी विश्वविद्यालय से संबंधित पूर्व विद्यार्थियों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि पीयू की ओर से विशेष परीक्षा के नाम पर मोटी फीस वसूलना गलत निर्णय है। परीक्षा में शामिल होने वाले अनेक विद्यार्थी/परीक्षार्थी लूट के शिकार होंगे। हो सकता है कि परीक्षा में बैठने और यूनिवर्सिटी फीस अदा करने के लिए काफी छात्रों को कर्ज लेना पड़े।
35 हजार के बजाय तीन हजार होनी चाहिए राशि
बरनाला के सेवामुक्त प्रिंसिपल एवं फ्री-एजुकेशन काउंसलर चरनजीत कुमार मित्तल का कहना है कि अगर सरकार वास्तविक रूप में स्टूडेंट्स को राहत देना चाहती है तो परीक्षा फीस में परिवर्तन लाना होगा। निर्धारित 35 हजार रुपये की राशि घटाकर ज्यादा से ज्यादा तीन-साढ़े तीन हजार रुपये जा जानी चाहिए। जरूरी नहीं कि परीक्षा/कोर्स पास नहीं करने वाले या कम अंक हासिल करने वाले सभी विद्यार्थी राशि भर योग्य हों।
वायरल किया गया लेटर सही है
पीयू के परीक्षा कंट्रोलर जीएस बत्रा से 0175-3046370/6150 नंबरों पर संपर्क किया गया तो वहां मौजूद कर्मचारी से जवाब मिला कि बत्रा जी से आज बात नहीं हो सकती है। उपकुलपति की ओर से बैठकें की जा रही हैं। वायरल हुआ पत्र पीयू द्वारा ही जारी किया गया है जो सही सूचना है।
फोटो कैप्शन: 20बीएनएल-51पी-पंजाबी विश्वविद्यालय की ओर से जारी किया गया पत्र।