गायों को बुलाते थे उनके नाम से, गोसेवक बाबा रामकरण की मौत
अबोहर पहुंच रहे हैं दिल्ली निवासी बाबा के परिजन, गोभक्तों में मायूसी
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
गायों को अपने प्राणों से अधिक प्यार करते हुए सारा जीवन गोसेवा को समर्पित करने वाले फक्कड़ बाबा रामकरण की बुधवार रात स्थानीय हनुमानगढ़ रोड पर खुले आसमान में गायों की सेवा करते हुए मौत हो गई। वीरवार को सुबह पता चलते ही समाज सेवी संस्था नर सेवा नारायण सेवा सहित थाना नंबर 2 की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उनके शव को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ रहने वाला यह बाबा दिन-रात गायों की सेवा लीन रहते थे। बाबा की मौत से गोभक्तों में मायूसी है।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला फैजाबाद के थाना राजे सुल्तान के तहत आते गांव नसीरपुर निवासी बाबा रामकरण पुत्र राम आधार पिछले कई वर्षों से हनुमानगढ़ रोड़ पर बेसहारा गायों की सेवा करता था। उसकी सेवा से प्रभावित गाएं उनकी एक आवाज पर एकत्रित हो जाती थीं। वह दिन-रात इन गायों के लिए चारा एकत्रित करते थे। हैरानी तो तब होती थी कि जब वह गायों को विभिन्न नाम से पुकार कर अपने पास बुलाते थे। उसकी सेवाभक्ति से प्रभावित होकर शहर के दानी सज्जन उनके लिए कंबल तथा गायों के लिए हरा चारा व तूड़ी देकर आते थे। बाबा रामकरण अपना पेट पालने जितना ही दूध गायों से निकालते थे बाकी सब उनके बछड़ों को पिला देता थे। इतना ही नहीं लोगों द्वारा उसे ओढ़ने के लिए दिए गए कंबल आदि भी वह गायों व उनके बछड़ों को ओढ़ा देते और खुद के लिए आया खाना भी गायों को खिलाते थे।
प्रशासन ने की थी हटाने की कोशिश
सड़क के किनारे खुले में बैठने वाली गाएं कई बार वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण भी बनी, जिसे देखते हुए कुछ लोगों ने प्रशासन की मदद से बाबा और उसकी गायों को वहां से हटाने का प्रयास किया। पुलिस ने बाबा के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की। लेकिन कुछ दिनों बाद वह फिर से पुरानी जगह पर ही गायों का पालन करने लगे। वीरवार को सुबह वह गायों के पास ही मृत मिले। कयास लगाए जा रहे हैं कि आंशिक बीमारी और ठंड लगने के कारण उसकी मौत हुई है।
मौत की पुलिस जांच हो सकती है
थाना प्रभारी चंद्र शेखर ने स्वयं मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। नर सेवा संस्था के प्रधान राजू चराया ने बताया कि बाबा के दिल्ली निवासी परिजनों को सूचित किया गया है और वे देर रात तक यहां पहुंच रहे हैं। इधर बाबा की पाली हुई करीब 20 गायों और उनके बछड़ों को दौलतपुरा गोशाला में भेजा गया। श्री चराया ने बताया कि बाबा रामकरण ने उन्हें परेशान करने वाले कुछ लोगों के खिलाफ थाना नं. 2 में शिकायत भी दी थी। ऐसे में बाबा के परिजनों की मांग पर मामले की जांच भी हो सकती है।
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