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मामला ट्रस्ट की रोज एव्न्यू कालोनी का

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ट्रस्ट के अधिकारी, नहीं करते काम सरकारी
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22 बर्षों से बेआबाद पड़ी ट्रस्ट की रोज एवेन्यू स्कीम की कॉलोनी
बरनाला।
रोज एवेन्यू टोभा स्कीम इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने 11 जून 1996 को शुरू की थी। उस समय बरनाला जिला संगरूर के अधीन आता था और संगरूर के डिप्टी कमिश्नर टीआर सारंगल ने इस स्कीम का उद्घाटन किया था। लेकिन 22 वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने इस स्कीम में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराईं, जबकि यह स्कीम इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर के बिल्कुल सामने काटी गई है।

क्या कहते हैं इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ
इस संबंध में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ से बातचीत की तो उन्होंने माना कि अभी तक स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन बिजली विभाग से नहीं लिया गया। जब अभी तक किसी ने यहां मकान का निर्माण ही नहीं किया तो स्ट्रीट लाइटों के लिए बिजली के कनेक्शन की अभी क्या जरूरत है। पार्क की दुर्दशा पर उन्होंने कहा कि माली न रखने से पार्क में गंदगी फैली है। स्कीम में अवैध कब्जों पर उन्होंने कहा कि ये कब्जे स्कीम काटे जाने से पहले के हैं। क्या स्कीम अवैध कब्जों सहित ही काट दी गई तो उन्होंने कहा कि यह उस समय के अफसर ही बता सकते हैं।
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अभी तक बिजली कनेक्शन भी नहीं किया अप्लाई
बातचीत करते हुए मक्खन लाल काला ने कहा कि नगर सुधार ट्रस्ट की ओर से स्कीम काटे 22 वर्ष हो चुके हैं। हैरानी की बात है कि अभी तक नगर सुधार ट्रस्ट ने स्कीम के लिए बिजली का कनेक्शन भी अप्लाई नहीं किया।

प्लाटों पर हो चुके हैं अवैध कब्जे
प्लाट होल्डर संजीव अरोड़ा ने कहा कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने 14.75 एकड़ में यह स्कीम शुरू की थी। इसमें लगभग 215 के करीब प्लाट व एक प्राइवेट स्कूल काटा गया था। प्राइमरी स्कूल व करीब 50 प्लाटों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। कोर्ट ने भी नगर सुधार ट्रस्ट को अवैध कब्जे हटाने के लिए कहा है। कब्जा वारंट होने के बावजूद इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से अभी तक अवैध कब्जे हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई व न ही चारदीवारी का काम पूरा किया गया है।
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चारों तरफ फैली हुई गंदगी
बातचीत करते हुए राजेश कुमार बंटी ने कहा कि रोज एवेन्यू टोभा स्कीम को 22 साल हो चुके हैं। सारे शहर का कूड़ा यहां फेंका जाता था। प्लाट होल्डरों व आसपास के लोगों ने हाईकोर्ट व पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड में शिकायत करने पर यहां सारे शहर का कूड़ा फेंकना बंद किया गया। लेकिन फिर भी यहां चारों तरफ कूड़ा बिखरा पड़ा है। पानी का निकास न होने से यह स्कीम टोभे का रूप धारण कर चुकी है।
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