तीन काउंसिलरों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार
कब्जा हटाओ मुहिम में रुकावट और ड्यूटी में बाधा डालने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
नगर निगम की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू की गई अवैध कब्जा हटाओ मुहिम में रुकावट डालने एवं सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के लिए सीनियर डिप्टी मेयर समेत तीन काउंसिलरों की बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। इस दौरान काउंसिलरों ने अपना जवाब भी पेश कर दिया। कमिश्नर ने उसे स्वीकार नहीं किया।
सीनियर डिप्टी मेयर व भाजपा नेता अनिल बांसल, अकाली काउंसिलर गुरमिंदरजीत सिंह बबलू एवं भाजपा काउंसिलर विनय शर्मा निगम की वित्तीय विकास कमेटी के मेंबर भी हैं। इन लोगों 18 जनवरी को अवैध कब्जा हटाओ मुहिम का कथित विरोध किया था। इस पर नगर कमिश्नर वित्तीय नुकसान पहुंचाने की धारा 36 बी एवं सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने की धारा 353 आईपीसी तहत नोटिस जारी किया था। लेकिन समय पर उन्होंने जवाब नहीं दिया। सीनियर डिप्टी मेयर के अलावा काउंसिलर गुरमिंदरजीत सिंह बब्बलू और विनय शर्मा ने अपने नोटिसों का साझा जवाब निगम कमिशनर को दिया। निगम कमिशनर जगविंदरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि दोनों काउंसिलरों को अलग-अलग नोटिस दिए गए हैं और वह दोनों का सांझे जवाब स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जो जवाब उनके पास आए हैं, वह अपनी रिपोर्ट समेत डायरेक्टर स्थानीय सरकारा विभाग के पास भेज रहे हैं, इस पर डायरेक्टर स्थानीय सरकार विभाग आगे फैसला करेंगे। इन काउंसिलरों और सीनियर डिप्टी मेयर के भविष्य का फैसला अब डायरेक्टर स्थानीय सरकार विभाग के हाथ में है।
सीनियर डिप्टी मेयर अनिल बांसल ने कहा कि वह लोगों के चुने गए प्रतिनिधि हैं और उन्होंने अवैध कब्जा हटाओ मुहिम में किसी तरह की बाधा नहीं डाली। उन्होंने सिर्फ यह कहा कि था दुकानदारों को अपना समान उठाने के लिए कुछ दिन का समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी गलती साबित हो जाती है तो वह अपने काउंसिलर पद से त्याग पत्र देने से गुरेज नहीं करेंगे।