ट्रक यूनियन के दफ्तर पर प्रशासन का ताला
सत्ताधारी पार्टी के दो गुटों में चल रही खींचतान पर प्रशासन ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से ट्रक यूनियन भंग करने के बावजूद भी कई स्थानों पर अध्यक्षता विवाद का बना है। है। राजसी नेता यूनियन हथियाने के लिए वफादारिया बदल चुके हैं। स्थानीय कांग्रेस विधायक गुट ने 20 दिन पहले सत्ताधारी पार्टी से जुड़े नेता की पहली ट्रक यूनियन समिति बराबर अपनी 5 सदस्य कमेटी का गठन किया था। सत्ताधारी पार्टी के ही दो गुटों में चल रही खींचतान पर प्रशासन ने फिर ट्रक यूनियन दफ्तर को ताला लगा दिया है।
ट्रक यूनियन दफ्तर पर थाना सिटी प्रमुख इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह के नेतृत्व में फोर्स तैनात कर दी गई। तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल ने ट्रक यूनियन दफ्तर को ताला लगा दिया। गिल ने बताया उन्हेंधारा 145 सीआरपीसी तहत रसीवर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि बैंक को ट्रक यूनियन का खाता सील करने के लिए लिख दिया गया है।
यहां ट्रक यूनियन की अध्यक्षता के लिए 5 वर्षों से नेताओं में चल रहे विवाद दौरान कई बार खूनी झड़प होने बाद प्रशासन ने 2 वर्ष पहलेट्रक यूनियन दफ्तर मेंताला लगा दिया था। विधान सभा चुनाव दौरान इस हलके से अकाली उम्मीदवार बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़ के दखल से यूनियन दफ्तर को लगा ताला खुल गया था।
ट्रक यूनियन में 20 दिन पहले आयोजित धार्मिक समागम के मौके पर शहर कांग्रेस प्रधान विनोद बांसल ने अपने समेत कांग्रेस विधायक डॉ. हरजोत कमल के निजी सहायक (पीए) जगसीर सिंह सीरा चक्कर समेत नई 5 सदस्य कमेटी का एलान किया गया था। इस से पहले ट्रक यूनियन की कमान सत्ताधारी पार्टी नेता जगरूप सिंह तखतूपुरा के पास थी। सत्ताधारी पार्टी के ही दो गुटों चल रही खींच तान बाद प्रशासन ने फिर ट्रक यूनियन दफ्तर को ताला लगा दिया है।
वर्ष 2013 में उपचुनाव के समय जगरूप सिंह तखतूपुरा ने कांग्रेस छोड़ कर अकाली दल का दामन थाम लिया था और ट्रक यूनियन की कमान संभाली रखी। 2017 विधान सभा चुनाव दौरान उन्होंने फिर कांग्रेस में आए और अब तक ट्रक ऑपरेटरों की अगुवाई की। ट्रक यूनियन की अध्यक्षता के लिए अकाली सरकार के दौरान अकाली नेता देविंदर सिंह रणियां ने संघर्ष किया पर सफल न हुए। पंजाब में हुकूमत बदलने बाद उन्होंने भी कांग्रेस का पल्ला पकड़ लिया और कांग्रेस विधायक की ओर से गठित की 5 सदस्य कमेटी में रणिया को मेंबर बनाया। अकाली पृष्ठभूमि वाले इस कांग्रेस नेता ने दावा किया कि नई ट्रक ऑपरेटर सोसायटी रजिस्टर्ड है। इस सोसायटी से तकरीबन 700 ऑपरेटर जुड़े हुए हैं।
उन्होंने पुरानी समिति प्रधान जगरूप सिंह तखतूपुरा पर जान बूझकर यूनियन काम में रुकावट डालने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया यूनियन का समूचा रिकॉर्ड बैंक चेकबुक आदि पुरानी कमेटी के पास है। उन्होंने कहा कि समूचे ट्रक ऑपरेटरों ने पुरानी समिति से इंकार कर नई 5 सदस्य कमेटी को यूनियन का काम चलाने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दफा 145 लगी थी तो विधान सभा चुनाव दौरान ताले कैसे खोल लिए। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की पड़ताल की मांग की। पुरानी कमेटी प्रधान जगरूप सिंह तखतूपुरा से उनका फोन बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।