मर्यादा के उलट सिरोपा देने पर उठा विवाद
बरनाला। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक मर्यादा के नाम पर अक्सर चर्चा बनी रहती है। कस्बा हंडिआया में श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर सजाए गए नगर कीर्तन के अवसर पर गुरुद्वारा पातशाही नौवीं के मैनेजर सुरजीत सिंह की तरफ से खुद आमंत्रण पत्र भेजा गया, फिर बुलाए गए मेहमानों को यह कह कर सम्मानित करने से इंकार कर दिया कि इनकी दाढ़ी कटी हुई है। सिक्ख मर्यादा के मुताबिक कटी दाढ़ी वालों को सिरोपा भेंट नहीं किया जा सकता। परन्तु जब नगर कीर्तन एक दो पड़ाव आगे गुजरा तो कुछ पार्षद व पुलिस मुलाजिम, जो कि कटी दाढ़ी वाले थे, उनको बूट के साथ पालकी साहिब के पास खड़ा कर सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। संपर्क करने पर इस संबंध में मैनेजर सुरजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने तो मर्यादा का पालन करना है, सो करके रहेंगे। यदि किसी को सिरोपा नहीं दिया तो क्या हो गया। वह कोई मर्यादा भंग नहीं कर रहे। इस संबंधी शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य परमजीत सिंह खालसा ने कहा अगर मैनेजर ने यह कहा है तो गलत कहा है, वह सबके साथ एक जैसा व्यवहार करने चाहिए, किसी के साथ पक्षपात नही करना चाहिए।