7 जनवरी को पहले पड़ाव दौरान जिले के 7778 किसानों का होगा कर्जा माफ
मानसा तहसील में 41, सरदूलगढ़ में 30 व बुढलाडा में 41 सोसायटीज
ढाई एकड़ वाले किसानों की संख्या 14 हजार 271
मानसा।
पंजाब सरकार द्वारा किसानों के कर्जे माफ करने की शरुआत 7 जनवरी को मानसा से शुरू की जा रही है। इस दिन प्रांत स्तरीय समागम के पहले पड़ाव दौरान जिले के 7778 किसानों का कर्जा माफ होगा। जानकारी देते उप रजिस्टरार सहकारी सभाएं मानसा जतिंद्रपाल सिंह चहल ने बताया कि मानसा जिले में शून्य से ढाई एकड़ जमीनों के मालिक किसानों की गिनती 14 हजार 271 है जबकि इनके सिर 28 करोड़ 66 लाख 62 हजार 289 रुपये का मूल कर्जा है और 6 करोड़ 7 लाख 44 हजार 791 रुपये का ब्याज बकाया है। इसी तरह ढाई से पांच एकड़ वाले किसानों की गिनती 13 हजार 566 है और इन किसानों सिर 51 करोड़ 45 लाख 92 हजार 155 रुपये का मूल कर्जा है और 5 करोड़ 10 लाख 14 हजार 792 रुपये का बयाज बकाया है। जिले में कुल 112 सोसायटीज हैं जिनमें मानसा तहसील में 41, सरदूलगढ़ तहसील में 30 तथा बुढलाडा ञतहसील मेंस 41 सोसायटीज हैं। डीआर चहल ने बताया कि 7 जनवरी को पहले पड़ाव दौरान जिले के 7778 किसानों का कर्जा माफ होगा और बाकी रहते किसानों का कर्जा भी अगले पड़ाव दौरान माफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को बधिल्कुल घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है। पंजाब सरकार द्वारा कर्जा माफी वाला लिया गया फैसला लागू किया जा रहा है।
उधर, दूसरे तरफ सारे किसानों का कर्जा माफ ना होने के विरोध में किसानों की लामबंदी जारी है। किसान जत्थेबंदियों द्वारा 7 जनवरी के दिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह की मानसा फेरी मौके शहर में विशाल रोष प्रदर्शन करने का एलान किया हुआ है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिलाध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा समूचे किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया गया था। सत्ता में आने के बाद कैप्टन सरकार ने 3 महीने बाद खजाना खाली होने का राग अलापना शुरू कर दिया और 9 महीने बाद अब कर्जा माफी वाले वादे से जब कुछ अमल करने की कार्रवाई शुरू हुई तो कर्जों की मार झेल रहे केवल 25 फीसदी किसानों को ही माफी वाली सूची में शामिल किया गया है। जबकि बाकी सारे किसान सूची से बाहर कर दिए गए हैं। सरकार की इस वादा खिलाफी वाली कार्रवाई से नाराज हुए किसानों द्वारा 7 जनवरी को मानसा शहर में विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद तीखा संघर्ष तैयार करके समूचे किसानों का कर्जा माफ करवाने के लिए कैप्टन सरकार को मजबूर कर दिया जाएगा।