एनके शर्मा और विनीत जोशी के खिलाफ हेड कांस्टेबल ने दी गवाही
- कहा, दोनों कर रहे थे प्रदर्शन का नेतृत्व
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
डेराबस्सी से शिअद के विधायक एनके शर्मा और भाजपा के प्रदेश सचिव विनीत जोशी के खिलाफ 9 साल पुराने मामले में मंगलवार को जिला अदालत में पहली गवाही और क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ। ट्रायल के पहले दिन केस में शिकायतकर्ता हेड कांस्टेबल सुरजीत सिंह के बयान दर्ज हुए। बयान में उसने एनके शर्मा और विनीत जोशी के घटना वाले समय वहां मौजूद होने और उग्र प्रदर्शन करने की बात कही। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी।
हेड कांस्टेबल सुरजीत सिंह ने अदालत में दर्ज बयान में कहा कि वर्ष 2008 में राजनीतिक दल सेक्टर-17 में प्रदर्शन कर रहे थे। रैली निकालते हुए नेता राजभवन की ओर जा रहे थे। रैली का नेतृत्व तत्कालीन भाजपा यूथ विंग के सदस्य विनीत जोशी और एनके शर्मा कर रहे थे। अधिकारियों के निर्देश के तहत उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सेक्टर-17 में बेरिकेड्स लगाए हुए थे। प्रदर्शनकारियों के उग्र होने पर पुलिस ने पानी की बौछारों से उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर भीड़ ने उन पर पथराव कर दिया। इसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। वहीं सरकारी संपत्ति का भी नुकसान हुआ। वहीं क्रास एग्जामिनेशन में सुरजीत सिंह ने माना कि पूरी भीड़ पथराव कर रही थी, ऐसे में वह नहीं देख पाया कि एनके शर्मा और विनीत जोशी भी पथराव करने वालों में शामिल थे या नहीं। केस की अगली सुनवाई पर अन्य गवाहों के बयान होंगे।
पुलिस पर किया था पथराव
23 जून 2008 को भाजपा और शिअद मिलकर केंद्र की कांग्रेस सरकार के खिलाफ महंगाई के विरोध में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान करीब 300 प्रदर्शनकारी रैली निकालते हुए पंजाब गवर्नर हाउस की ओर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें सेक्टर-17 स्थित शिवालिक व्यू के पास रोक लिया। इसी दौरान पुलिस पर पथराव हुआ था।