हाईकोर्ट ने प्रशासन और याचिकाकर्ता को दिया दो हफ्ते का समय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर में नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर के दायरे में चल रहे कुछ शराब के ठेकों को बंद करने का जो नोटिस जारी किया गया था, उस पर चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को हाईकोर्ट को कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत ही इन ठेकों को बंद करने के नोटिस दिए हैं। चंडीगढ़ के एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर कम कलेक्टर राकेश कुमार पोपली ने मंगलवार को हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार नेशनल और स्टेट हाईवे या उसकी सर्विस लेन से 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेकों को खोले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अब यह तय करना था कि यह फासला सड़क के जरिये मापा जाए या एरियल डिस्टेंस से। बाद में प्रशासन ने यही तय किया कि यह फासला एरियल डिस्टेंस से ही मापा जाएगा। ऐसे में इन ठेकों को बंद करने का नोटिस जारी किया गया था जो इस दायरे में आते हैं। इस पर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन और याचिकाकर्ताओं को एक साथ बैठकर बीच का रास्ता निकालने को कहा है, ताकि दोनों के बीच विवाद खत्म हो जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि इसका हल बैठकर निकल सकता है, जरूरी नहीं है कि इस मामले में हाईकोर्ट के ही निर्देश लिए जाएं। लिहाजा हाईकोर्ट ने इसके लिए दो सप्ताह का समय देते हुए याचिका पर सुनवाई 19 जुलाई तक स्थगित कर दी है।
केरला हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार निकला जा सकता है हल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट जगमोहन बंसल ने हाईकोर्ट को बताया कि इस मामले में केरला हाईकोर्ट ने मई में ही एक फैसले में यह तय किया है कि यह दूरी सड़क के जरिये मापी जा सकती है। लिहाजा इस पर प्रशासन को गौर करना चाहिए।
इसलिए दायर की याचिका
चंडीगढ़ के वॉल्ट लिकर प्राइवेट लिमिटेड और जुबली ब्रेवरेजिस समेत अन्य ने एडवोकेट जगमोहन बंसल के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि मध्य मार्ग नेशनल हाईवे है, ऐसे में यहां किसी को भी लाइसेंस नहीं दिया गया, लेकिन याचिकाकर्ताओं को सेक्टर- 8 की इंटरनल मार्केट में ठेका अलॉट किया गया था। अगर सड़क के जरिए यहां की मध्य मार्ग से दूरी मापी जाए तो यह 500 मीटर से अधिक है, लेकिन एरियल डिस्टेंस 464 मीटर हो जाता है, जोकि 500 मीटर के दायरे में आ जाता है। प्रशासन ने इनके ठेके बंद करने का नोटिस इन्हें थमा दिया है।
शहर के बीच आने वाले हाईवे को किया जा सकता है डी-नोटिफाई
शहर के भीतर नेशनल और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में चल रहे होटल, बार व रेस्टरोरेंट्स के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया है कि शहर के बीच के नेशनल और स्टेट हाईवे को डी-नोटिफाई किया जा सकता है। सुप्रीम कोट के स्पष्टीकरण से शहर के लगभग शभी रेस्टोरेंट्स, होटल्स पब्स और बार में अब शराब परोसे जाने का रास्ता साफ़ हो गया है। अब शहर के बीच के नेशनल और स्टेट हाईवे को डी-नोटिफाई कर यहां ठेके चलाये जाने का रास्ता साफ़ हो सकता है।
-कहा, विवाद को बैठकर सुलझा लें
-अगली सुनवाई 19 जुलाई तक स्थगित