मंडियों में भीगे धान को उठाने के लिए तैयार नहीं चावल मिलें
किसान और आढ़ती परेशान, अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल मुख्य मंत्री को मिलेगा : जत्थेदार तोता सिंह
दविंदर पाल सिंह
मोगा।
पंजाब में बीते दिनों की बेमौसमी बारिश के कारण भीगकर खराब हुए धान को चावल मिल मालिकों की ओर से न उठाए जाने के कारण मंडियों में बोरियों के अंबार लगे पड़े हैं। सरकारी लापरवाही कारण किसान- मजदूर व आढ़ती घोर निराशा के आलम में हैं।
यहां पूर्व कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के नेतृत्व में आढ़तियों के वफद ने डिप्टी कमिशनर दिलराज सिंह से मुलाकात करके इस समस्या का हल ढूंढने के लिए कहा। इस मौके अपने निवास पर प्रेस कान्फ्रेंस में पूर्व कृषि मंत्री ने दावा किया कि जिले के 108 ग्रामीण खरीद केंद्रों समेत 76 मंडियों में बेमौसमी बारिश से 10 लाख से अधिक बोरी धान मंडियों में बरबाद हो रहा है। इस के अलावा कई मंडियों में किसानों का अनबिका धान पड़ा है। उन्होंने कहा कि आढ़ती क्विंटल पीछे 10 किलो घाटेे से धान की लिफ्टिंग के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद चावल मिल मंडियों में से धान उठाने के लिए तैयार नहीं। उन्होंने कहा कि इस धान का मजदूर चौकीदारी कर रहे हैं लेकिन उन्हें मजदूरी भी नहीं मिल रही, दूसरी तरफ किसान अदायगी के लिए आढ़तियों के पास चक्कर काट रहे हैं। आढ़ती किसानों को तब तक अदायगी करने से टाल मटोल कर रहे हैं जितनी देर मंडी से खरीद एजेंसियां धान चावल मिलों में नहीं लगवा देती। इस मौके जत्थेदार तोता सिंह ने कहा कि अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल इस समस्या के हल के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को मिलेगा।
उन्होंने सरकार की इस लापरवाही का जिक्र करते हुए बताया कि साल 2001-02 में अकाली सरकार के समय में भी इस तरह की समस्या आई थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में उन्होंने केंद्र सरकार पर दबाव डालकर चावल मिलों को यील्ड में 3 किलो की राहत दिलाई थी। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार बारिश से तुरंत बाद केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत करती तो आज ऐसी स्थिति न बनती। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार ने 2016 में 5 जून से धान लगवाई की इजाजत दे दी थी, पर इस बार 15 जून बाद लेट बिजाई शुरू कराना भी इस समस्या का कारण बना है।
डिप्टी कमिश्नर दिलराज सिंह ने कहा कि खरीदे गए धान की किसानों को 2114.01 करोड़ रुपये की अदायगी की जा चुकी है, जो 48 घंटों की खरीद का 98.73 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि खरीदे गए धान में 13,40,680 मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग हो चुकी है। जिला मंडी अफसर जसवीर सिंह ने माना कि जिले में ग्रामीण खरीद केंद्रों समेत बेमौसमी बारिश कारण तकरीबन 15 हजार मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग नहीं हुई।
फोटो कैप्शन- अजीतवाल मंडी में बेमौसमी बारिश से भीगे धान के लगे अंबार और मंडी में कांग्रेस का प्रदेश नेता व अन्य