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रोपड़ में नहरी विभाग की जमीन पर अकाली पार्षद समेत तीन धार्मिक संस्थायों तथा 11 लोगो ने किये अवैध कब्जे

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अकाली पार्षद से डरा नहरी विभाग, नोटिस के बाद नहीं कर पा रहा कार्रवाई
रोपड़ में अकाली पार्षद समेत तीन धार्मिक संस्थाओं और 11 लोगों ने कर रखा है सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
आरटीआई में जानकारी लेने के बाद हरकत में आया विभाग पर अभी तक भी नहीं की कारवाई
जगजीत सिंह।
रोपड़।
शहर में सरहिंद नहर के किनारे कई लोगों ने एक दशक से भी अधिक वर्षों से नहरी विभाग के एक बड़े इलाके में अवैध कब्जा किया हुआ है। लेकिन विभाग के इन कब्जों को खाली कराने के लिए भीगी बिल्ली बनकर बैठा हुआ है। विभाग के अधिकारी कई वर्षों से न तो अवैध कब्जों हटवा पा रहे न ही इस मामले में कोई कार्रवाई कर पा रहे हैं। हाल ही में जब शहर के एक व्यक्ति ने नहरी विभाग से इस संबंध में आरटीआई एक्ट के तहत जवाब मांगा तो विभाग सांसें फूल गईं। इसके बाद नहरी विभाग ने हिम्मत कर गोशाला रोड पर सरहिंद नहर के किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले एक अकाली पार्षद तथा तीन धार्मिक संस्थानों समेत 11 लोगों को नोटिस जारी कर अवैध कब्जे हटाने के लिए कहा है।
जानकारी के अनुसार शहर के एक व्यक्ति ने नहरी विभाग से इस संबंध में 5 अक्तूबर 2017 को आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी कि सरहिंद नहर के किनारे पशु अस्पताल से लेकर गोशाला तक किन-किन लोगों ने के अवैध कब्जे किए हैं और यह एरिया कितना है। इस संबंध में नहरी विभाग ने जानकारी दी कि इस मार्ग पर 11 लोगों ने अवैध कब्जे किए हैं। गौरतलब है कि कब्जे वाली इस सरकारी जमीन पर कई लोग व्यापार भी कर रहे हैं। विभाग ने आरटीआई का जवाब देने के कुछ दिन बाद अवैध कब्जा करने वाले लोगों को 15 दिन में कब्जे हटाने का नोटिस जारी किया। आदेश न मानने पर पुलिस बल के साथ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। विभाग ने आरटीआई में दिए जवाब के साथ कब्जा करने वाले लोगों के नाम तथा कब्जा वाले इलाके का कुल एरिया भी बताया है। इससे जाहिर है कि विभाग को सरकारी जमीन पर हुए इन कब्जों की पूरी जानकारी है पर इन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। लेकिन विभाग कार्रवाई करने से डर रहा है। विभाग ने 30 अक्तूबर को यह नोटिस जारी किया था। अब इस नोटिस के जारी होने को 15 दिन से अधिक का समय हो गया है। लेकिन अभी तक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले किसी व्यक्ति ने भी विभाग के इस नोटिस के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। तथा विभाग ने भी अवैध कब्जे करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं है। जिससे विभाग के अधिकारियों की कारगुजारी पर सवाल खड़े हो रहे है।
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नोटिस में इनके नाम
नहरी विभाग के अवैध कब्जों के संबंध में जारी नोटिस में अकाली पार्षद मनजिंदर सिंह धनोया का नाम भी शामिल है। इसके अलावा तीन धार्मिक संस्थान जिसमें विश्व रुहानी केंद्र के मुख्य सेवादार शिंदरपाल सिंह, बाबा नामदेव गुरुद्वारा साहिब के कैशियर रवी प्रकाश तथा शिव शक्ति कांवड़ मंदिर के प्रधान विष्णु भटनागर को नोटिस जारी हुए हैं। विभाग ने गुरमीत सिंह पुत्र हरिदयाल सिंह वासी खुशहाल नगर, सुखदेव सिंह पुत्र अमर सिंह, कुलदीप कौर पत्नी करनैल सिंह, जसविंदर सिंह पुत्र अमर सिंह, अमरजीत कौर पुत्र हरी सिंह, हरविंदर सिंह पुत्र अनाथ सिंह तथा जगदीश सिंह पुत्र पूरन सिंह को नोटिस जारी कर अवैध कब्जे हटाने को कहा है। गौरतलब है कि अवैध कब्जा करने वाले इन लोगों में कुछ ने इस सरकारी जमीन पर पशु बांधने के लिए निमार्ण भी किया हुआ है।

प्रशासन हरकत में नहीं आया : गोशाला के प्रधान
कुछ दिन पहले गोशाला के प्रधान भारत भूषण शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन अवैध कब्जों के संबंध में जिला प्रशासन को बताया था। लेकिन इसके बाद भी प्रशासन हरकत में नहीं आया। गौरतलब है कि गोशाला के निकट रहते कुछ लोगों ने गोशाला पर लोक अदालत में एक केस भी डाला हुआ है। प्रधान ने पार्षद मनजिंदर सिंह धनोया पर गोशाला के खिलाफ गतिविधियां करने के आरोप भी लगाएं थे।
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अकाली पार्षद ने नकारे थे आरोप
गोशाला के प्रधान की ओर से अकाली पार्षद मनजिंदर सिंह धनोया पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाए जाने के बाद पार्षद धनोया ने कहा था कि उसने कोई अवैध कब्जा नहीं किया है। उनके घर के सामने सरकारी जमीन पर जो रेत व बजरी पड़ी है, वह उसकी नहीं है। अब विभाग की ओर से पार्षद को अवैध कब्जे का नोटिस जारी होने के बाद उनका पक्ष लेने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।

कोट
विभाग की ओर से अवैध कब्जा करने वालों को एक नोटिस और देने के बाद मौका देखा जाएगा। जरूरत के अनुसार पुलिस बल लेकर अगली कार्रवाई की जाएगी।
गुरमीत सिंह, एसडीओ, सरहिंद नहर।
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