पेट्रोल की बोतल के साथ पानी की टंकी पर चढ़ीं पांच महिलाएं
पांच घंटे बाद पर्ल कंपनी के एमडी पर मामला दर्ज होने का आश्वासन मिलने पर नीचे उतरीं
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़।
चिट फंड कंपनियों के खिलाफ संघर्ष कर रही इंसाफ दी आवाज संस्था ने पर्ल ग्रुप से पैसे वापस लेने की मांग को लेकर रोपड़ में प्रदर्शन किया। इस दौरान संस्था की पांच महिलाएं गांव खैराबाद में पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गईं। महिलाएं पर्ल ग्रुप के एमडी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने लोगों के पैसे वापस कराने की मांग कर रही थीं।
पुलिस की ओर से पर्ल कंपनी के एमडी पर मामला दर्ज करने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी महिलाएं पांच घंटे बाद नीचे उतरीं। जिक्रयोग है कि पूरे प्रदेश से प्रदर्शनकारी यहां पहुंचे थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा के मद्देनजर तीन जिलों की पुलिस यहां तैनात की गई थी। प्रदेश भर से पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने शांति से रोष मार्च निकालने की सहमति दी थी, लेकिन मार्च के दौरान ही पांच महिलाएं सुखविंदर कौर समाना, रणधीर कौर पातड़ां, करमजीत कौर नाभा, उमा रानी नाभा और शकुंतला देवी पानी की टंकी पर चढ़ गईं और आत्मदाह करने की धमकियां देने लगीं। टंकी पर चढ़ी महिलाओं ने चेतावनी दी कि जब तक पर्ल कंपनी के मालिकों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक वह टंकी से नहीं उतरेंगी।
उन्हें नीचे उतारने के लिए इंसाफ दी आवाज पंजाब के महासचिव मनदीप सिंह कोकरी टंकी पर चढ़े, लेकिन टंकी पर हाथों में पेट्रोल लेकर खड़ी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें पेट्रोल गिराने का डर दिखाकर वापस उतरने के लिए कहा। प्रदर्शनकारियों के न मानने पर एसएसपी नीलांबरी जगदले प्रदर्शन स्थल पर खुद पहुंच गईं और पंजाब प्रधान दानगढ़ समेत अन्य को समझाया और पुलिस कार्रवाई का आश्वासन दिलाया और टंकी पर चढे़ प्रदर्शनकारियों को नीचे आने के लिए कहा। एसएसपी की ओर से आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं नीचे उतरीं। प्रांतीय प्रेस सचिव परमजीत सिंह कलेर ने कहा कि चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने निवेशकों के पैसे वापस कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अब वह अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं। पंजाब प्रधान दानगढ़ समेत अन्य ने मांग की कि कांग्रेस चुनावों के समय किए वादे के मुताबिक विधानसभा में कानून बनाकर पंजाब में चिट फंड कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए।