ठेकेदारी के विरोध में एफसीआई मजदूरों का धरना
पुलिस सुरक्षा में मालगाड़ी में लोड हुआ गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
एफसीआई गोदामों से गेहूं लेकर मालगाड़ी में लादने का काम प्राइवेट ठेकेदारों से कराने के विरोध में बुधवार को एफसीआई वर्कर यूनियन के सदस्यों ने गोदाम के बाहर दिया। वहीं प्रशासन ने एफसीआई गोदाम से लेकर रेलवे प्लेटफार्म तक दंगारोधी उपकरणों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में निजी ठेकेदार के मजदूरों ने मालगाड़ी में गेहूं लोड किया। इधर स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए नायब तहसीलदार बलजिंदर सिंह, नगर थाना प्रभारी गुरमीत सिंह, थाना नं. 2 के प्रभारी कुलदीप शर्मा और महिला पुलिस बल भी मालगोदाम और मालगाड़ी के आसपास गश्त करते रहे।
एफसीआई श्रमिक यूनियन ऑल इंडिया के उप प्रधान श्रीराम नूनीवाल व स्थानीय प्रधान पप्पू मसीह ने बताया कि पिछले 40 वर्षों से अबोहर के 226 वर्कर एफसीआई में काम कर रहे हैं। लेकिन पिछले दिनों एफसीआई ने समाचार पत्रों में निविदा जारी करके लोडिंग कार्य निजी ठेकेदारों से कराने के टेंडर मांगे हैं। इसका पता चलते ही उन्होंने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर टेंडर को स्थगित करने की मांग की है।
हालांकि याचिका अभी कोर्ट में ही विचाराधीन है लेकिन ठेकेदार प्रमोद मिढ़ा ने बुधवार को निजी लेबर लगाकर मालगाड़ी लोड करानी शुरू कर दी। इनकी सुरक्षा में प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और पुलिस ने एफसीआई के किसी भी मजदूर को मालगाड़ी के नजदीक नहीं जाने दिया। प्रशासन के इस रवैये से नाराज एफसीआई वर्कर यूनियन ने गोदाम के बाहर ही मेन गेट पर धरना दिया और निगम व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि एफसीआई मजदूरों के साथ हो रही धक्केशाही के खिलाफ वे कई बार अधिकारियों व सरकार को मांगपत्र भेज चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया गया है। इससे लगता है कि सरकार ठेकेदारी सिस्टम शुरू करके पक्के मजदूरों को खत्म करने की तैयारी कर रही है। इधर एफसीआई के ठेकेदार प्रमोद मिढ़ा ने बताया कि वे 200 मजदूरों से 50 हजार बोरी गेहूं की लोडिंग करवा रहे हैं। जिन्हें एफसीआई के नियमों के हिसाब से मजदूरी दी जाएगी।
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